लखनऊ/22 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को रिश्तों में जिम्मेदारी निभाने और आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी है। लखनऊ स्थित महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सातवें दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा कि किसी को गर्लफ्रेंड बनाने में बुराई नहीं है, लेकिन रिश्ते के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को समझना जरूरी है। उन्होंने कम उम्र में किसी लड़की को मां बनने की स्थिति में छोड़ देने को गलत बताते हुए युवाओं से अपने फैसलों के प्रति गंभीर रहने की अपील की।
गुरुवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ जीवन के व्यावहारिक पहलुओं पर भी ध्यान देने का संदेश दिया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय भी मौजूद रहे।
आनंदीबेन पटेल की युवाओं को सलाह: रिश्तों में समझें जिम्मेदारी
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं को रिश्ते बनाने से पहले उनकी जिम्मेदारियों और भविष्य के परिणामों को समझना चाहिए। उन्होंने कम उम्र में संबंधों के कारण उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी लड़की को मां बनने की स्थिति में छोड़ देना गलत है।
उनकी सलाह का मुख्य संदेश यह था कि रिश्तों को केवल आकर्षण या शौक तक सीमित नहीं रखना चाहिए। जीवन में लिए गए फैसलों का असर दूसरे व्यक्ति के भविष्य पर भी पड़ता है, इसलिए युवाओं को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
पहले आत्मनिर्भर बनें युवा, फिर उठाएं परिवार की जिम्मेदारी
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को पहले अपने पैरों पर खड़े होने और आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को शिक्षा, करियर और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए, ताकि वे आगे चलकर अपने परिवार की जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से निभा सकें।
आज के दौर में शिक्षा पूरी करने, रोजगार हासिल करने और आर्थिक रूप से स्थिर होने की चुनौती युवाओं के सामने रहती है। ऐसे में राज्यपाल का संदेश रिश्तों के साथ-साथ व्यक्तिगत विकास और भविष्य की तैयारी के महत्व को भी सामने रखता है।
महर्षि यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में 2,279 विद्यार्थियों को मिली उपाधि
महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सातवें दीक्षांत समारोह में कुल 2,279 विद्यार्थियों को डिग्री और डिप्लोमा प्रदान किए गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उपाधियों का विवरण इस प्रकार है:
- पीएचडी: 20 शोधार्थी
- पोस्ट ग्रेजुएशन: 324 विद्यार्थी
- ग्रेजुएशन: 1,612 विद्यार्थी
- डिप्लोमा: 323 विद्यार्थी
इसके अलावा विश्वविद्यालय परिसर में एक मिनी एक्सपो भी आयोजित किया गया, जिसमें शैक्षणिक और अन्य गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया।
युवाओं के लिए शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी
दीक्षांत समारोह केवल डिग्रियां हासिल करने का अवसर नहीं होता, बल्कि यह विद्यार्थियों के जीवन के नए चरण की शुरुआत भी होता है। राज्यपाल के संबोधन ने इसी संदर्भ में शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित किया।
उनकी सलाह का व्यापक संदेश यही है कि युवाओं को अपने करियर और व्यक्तिगत जीवन के फैसले सोच-समझकर लेने चाहिए। किसी भी रिश्ते में सम्मान, परिपक्वता और जिम्मेदारी जरूरी है, ताकि लिए गए निर्णय किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव न डालें।









