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असम में जनता का उत्साह देखकर कांग्रेस पस्त: डिब्रूगढ़ रैली में पीएम मोदी का विपक्ष पर तीखा प्रहार

On: April 6, 2026
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डिब्रूगढ़ रैली में पीएम मोदी का विपक्ष पर तीखा प्रहार
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डिब्रूगढ़ (असम), 06 अप्रैल 2026। असम विधानसभा चुनाव से पहले माहौल तेजी से गर्माता जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित असम रैली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को डिब्रूगढ़ में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

रैली में उमड़ी भारी भीड़ और लोगों के उत्साह को देखकर पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें डिब्रूगढ़ आने का कई बार अवसर मिला है, लेकिन इस बार का माहौल “अभूतपूर्व” है। उनके मुताबिक, यह जनसमर्थन सिर्फ एक रैली नहीं, बल्कि चुनावी संकेत है—जो कांग्रेस के लिए चिंता का कारण बन चुका है।

“कांग्रेस पहले से ही परेशान, अब और पस्त होगी”

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पहले ही जनता के मूड को लेकर हैरान-परेशान है, और इस तरह की भीड़ उसे पूरी तरह निराश कर देगी।

उन्होंने कहा कि जनता का यह उत्साह बताता है कि असम अब विकास और स्थिरता के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहता है। “यह भीड़ सिर्फ संख्या नहीं है, यह भरोसा है,”—पीएम मोदी ने भावनात्मक अंदाज में कहा।

असम की सांस्कृतिक विविधता का किया जिक्र

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में असम की सांस्कृतिक एकता और विविधता को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि अहोम, कोच-राजबंशी, मोरान, मोतोक, मिसिंग और देवरी जैसे कई समुदाय सदियों से यहां सौहार्द के साथ रहते आए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि भाषा भले अलग-अलग हो—असमिया, बांग्ला या हिंदी—लेकिन सभी का सपना एक ही है: “विकसित असम, विकसित भारत।”

इस दौरान पीएम मोदी ने महान कलाकार Bhupen Hazarika, स्वतंत्रता सेनानी Gopinath Bordoloi और साहित्यकार Jyoti Prasad Agarwala को याद करते हुए कहा कि इन्हीं विभूतियों की प्रेरणा से आज असम आगे बढ़ रहा है।

विकास बनाम उपेक्षा: कांग्रेस पर सीधा आरोप

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने वर्षों तक असम के साथ “सौतेला व्यवहार” किया। उन्होंने नुमालीगढ़ से डिब्रूगढ़ तक के हाईवे प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए कहा कि 2005 में स्वीकृति मिलने के बावजूद 2013 तक इसमें कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।

उनके अनुसार, कांग्रेस के शासन में असम की कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे की लगातार अनदेखी की गई, जिससे अपर असम और बराक घाटी जैसे क्षेत्र विकास की दौड़ में पीछे रह गए।

“अब बदल रहा है असम का चेहरा”

प्रधानमंत्री मोदी ने दावा किया कि भाजपा-एनडीए सरकार के कार्यकाल में असम की तस्वीर तेजी से बदली है। उन्होंने बोगिबिल ब्रिज, Bhupen Hazarika Setu और जोरहाट-माजुली सेतु जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे राज्य की कनेक्टिविटी को नई दिशा मिली है।

उन्होंने हाल ही में मोरान में हुए उस विशेष आयोजन का भी जिक्र किया, जहां नए हाईवे पर लड़ाकू विमानों की लैंडिंग कराई गई थी। इसे उन्होंने “नए असम की ताकत और आत्मविश्वास” का प्रतीक बताया।

निष्कर्ष: चुनावी जंग में तेज हुआ सियासी वार

डिब्रूगढ़ की यह रैली सिर्फ एक चुनावी कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि यह राजनीतिक संदेश का मंच बन गई, जहां विकास, पहचान और भविष्य की दिशा को लेकर सीधी टक्कर देखने को मिली।

अब सवाल यही है कि क्या यह उत्साह वोटों में तब्दील होगा, या विपक्ष आखिरी वक्त में समीकरण बदलने में सफल होगा—इसका जवाब चुनाव परिणाम ही देंगे।

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