नई दिल्ली, 03 फरवरी 2026। भारत-अमेरिका ट्रेड डील की घोषणा के तुरंत बाद संसद परिसर में आयोजित राजग (NDA) सांसदों की बैठक का माहौल असाधारण रूप से उत्साहपूर्ण दिखा। जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठक स्थल पर पहुंचे, सांसदों ने तालियों की गड़गड़ाहट और फूलों की मालाओं के साथ उनका स्वागत किया। यह स्वागत केवल औपचारिक नहीं था, बल्कि हालिया कूटनीतिक उपलब्धि पर राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक संतोष का प्रतीक बन गया।
बैठक बजट सत्र से पहले बुलाई गई थी, लेकिन चर्चा का केंद्र भारत-अमेरिका ट्रेड डील ही रही—वह समझौता जिसके तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 25% से घटाकर 18% करने को तैयार हुआ है।
“देशहित सर्वोपरि” — पीएम मोदी का संदेश
सांसदों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस डील को “देशहित में लिया गया बड़ा फैसला” बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का हर कदम भारतीय उत्पादकों, निर्माताओं, उद्योगों और निर्यातकों को सशक्त करने के लिए है।
प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि ऐसी उपलब्धियां केवल कूटनीति से नहीं, बल्कि निरंतर नीति-समन्वय और राजनीतिक इच्छाशक्ति से संभव होती हैं।
सांसदों की प्रतिक्रियाएँ: उपलब्धि पर गर्व
संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजु ने कहा कि सांसदों ने यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ हुए समझौतों के लिए प्रधानमंत्री को बधाई दी। उनके अनुसार, टैरिफ घटने से भारतीय निर्यातकों को सीधा लाभ मिलेगा और वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
मिलिंद देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सांसदों को बजट और ट्रेड डील दोनों के व्यापक प्रभावों से अवगत कराया और बताया कि सरकार हर मोर्चे पर देशहित में काम कर रही है।
“जनहित राजनीति” पर फोकस रखने की सलाह
बैठक में प्रधानमंत्री ने सांसदों को जनहित राजनीति पर ध्यान केंद्रित रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय चुनावों में मिल रही सफलताएँ इसी दृष्टिकोण का परिणाम हैं।
उनका स्पष्ट संदेश था—“जीत के बाद रुकना नहीं, बल्कि बेहतर कामों में और जुट जाना है।”
विकसित भारत के विजन पर चर्चा
बैठक में विकसित भारत (Developed India) के विजन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
चिराग पासवान ने बताया कि प्रधानमंत्री ने बजट और जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से संवाद किया।
वहीं एच डी कुमारस्वामी ने कहा कि यह बैठक भारत की आर्थिक साझेदारियों को मजबूत करने और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एकजुट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
ट्रंप की घोषणा के बाद बढ़ा उत्साह
इस ट्रेड डील की जानकारी सबसे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की थी। उन्होंने लिखा कि भारत और अमेरिका ने ट्रेड डील को हरी झंडी दे दी है और भारत पर लगने वाला टैरिफ 18% किया जाएगा।
ट्रंप के इस पोस्ट के बाद देश में उत्साह का माहौल देखा गया, जिसकी झलक NDA सांसदों की बैठक में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
निर्यातकों और उद्योगों को संभावित लाभ
टैरिफ में 7% की कमी का असर कई क्षेत्रों पर पड़ने की उम्मीद है:
- टेक्सटाइल और हैंडीक्राफ्ट
- फार्मास्यूटिकल्स
- इंजीनियरिंग गुड्स
- कृषि उत्पाद
- MSME सेक्टर
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ सकती है।
राजनीतिक से अधिक मनोवैज्ञानिक क्षण
यह बैठक केवल राजनीतिक औपचारिकता नहीं रही। इसमें वह मनोवैज्ञानिक संतोष भी दिखा, जब सांसदों ने एक कूटनीतिक सफलता को राष्ट्रीय उपलब्धि की तरह महसूस किया। तालियों की आवाज, मालाओं का स्वागत, और चर्चा का स्वर—सब कुछ इस बात का संकेत दे रहा था कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।











