लखनऊ/19 सितंबर 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड के देवप्रयाग से लखनऊ पहुंचे मेधावी विद्यार्थियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से उनका परिचय प्राप्त किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए लखनऊ में स्वागत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, व्यावहारिक ज्ञान, समय प्रबंधन और तकनीक के संतुलित उपयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
सीएम योगी ने विद्यार्थियों को दिया आत्मविश्वास का मंत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि आत्मविश्वास कठिन से कठिन चुनौतियों से मुकाबला करने का आत्मबल देता है। उन्होंने बच्चों से कहा कि किसी चुनौती को केवल समस्या मानकर उससे बचने की कोशिश न करें, बल्कि उसके समाधान की दिशा में आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि युवाओं के जीवन में चुनौतियां आना स्वाभाविक है। सकारात्मक सोच के साथ उनका सामना किया जाए तो यही चुनौतियां जीवन की गति को प्रगति में बदलने का माध्यम बन सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उत्तराखंड से आए विद्यार्थियों को गोमती बुक फेस्टिवल का भ्रमण कराया जाए और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने विद्यार्थियों से इस पुस्तक को पढ़ने का भी आग्रह किया।
व्यावहारिक ज्ञान को बताया शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा
विद्यार्थियों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने व्यावहारिक ज्ञान के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विज्ञान की पढ़ाई का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल थ्योरी पढ़ना पर्याप्त नहीं है। जब विद्यार्थी प्रयोगशाला में वैज्ञानिक सिद्धांतों को प्रयोग के जरिए समझते हैं तो विषय की समझ और गहरी होती है।
इसी तरह गणित के फॉर्मूलों को केवल याद करने के बजाय उनकी विवेचना और प्रयोग करने से विषय को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण भी विद्यार्थियों को किताबों से बाहर की दुनिया समझने का अवसर देते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे टूर से देश, प्रदेश, समाज, विरासत और अलग-अलग स्थानों की वास्तविक परिस्थितियों को जानने-समझने का अवसर मिलता है। यह अनुभव आगे चलकर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में भी उपयोगी साबित होते हैं।
महापुरुषों की जीवनी और अच्छी पुस्तकों के अध्ययन पर जोर
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ अन्य ज्ञानवर्धक साहित्य पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने महापुरुषों की जीवनी और धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन को प्रेरणादायी बताया।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि के अनुसार अच्छी पुस्तकों का संग्रह करने और अपना बुक बैंक तैयार करने की भी बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में अच्छी पुस्तकें व्यक्ति का संबल बनती हैं और उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
तकनीक का इस्तेमाल करें, लेकिन उसके गुलाम न बनें
विद्यार्थियों के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने तकनीक को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने इसके सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं पर चर्चा की। उनका कहना था कि विद्यार्थियों को खुद को प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने के लिए तकनीक की जानकारी हासिल करनी चाहिए, लेकिन इसका इस्तेमाल विवेक के साथ होना चाहिए।
सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संभावित दुरुपयोग का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई का प्रयोग करें, लेकिन उस पर पूरी तरह निर्भर न रहें। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि तकनीक उनके नियंत्रण में होनी चाहिए, वे तकनीक के नियंत्रण में नहीं।
उन्होंने स्मार्टफोन पर जरूरत से ज्यादा समय बिताने को लेकर भी विद्यार्थियों को सचेत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्टफोन का इस्तेमाल महत्वपूर्ण संदेशों, समाचार, डिजिटल लाइब्रेरी और ज्ञान हासिल करने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स, ड्रोन और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों की जानकारी लेकर विद्यार्थी इसे अपने करियर से भी जोड़ सकते हैं।
समय प्रबंधन को बताया सफलता की कुंजी
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को समय की कीमत समझने की सलाह देते हुए कहा कि जीवन का एक-एक मिनट महत्वपूर्ण है। इसलिए समय प्रबंधन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ परिवार, स्वयं और अपनी रुचियों के लिए भी समय निकालने को कहा। अच्छी किताबें पढ़ने और नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने पर भी उन्होंने जोर दिया।
लखनऊ, अयोध्या और काशी के विकास से रूबरू होंगे विद्यार्थी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को देवप्रयाग से आए विद्यार्थियों को लखनऊ, अयोध्या और काशी का भ्रमण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को पिछले 10 वर्षों में इन प्रमुख शहरों में हुए बदलावों से परिचित कराने की बात कही।
अयोध्या के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने भव्य राम मंदिर, एयरपोर्ट, फोरलेन सड़कों और रेल कनेक्टिविटी का जिक्र किया। उन्होंने राम की पैड़ी के विकास की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी।
इसी तरह वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ धाम के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉरिडोर बनने से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और आवागमन की सुविधाओं में विस्तार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से गांव, शहर, तीर्थस्थल और स्कूल-कॉलेजों को स्वच्छ रखने में योगदान देने की अपील की। उन्होंने स्वच्छता को केवल सरकारी जिम्मेदारी न मानकर समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
कक्षा-5 की छात्रा मिष्टी रावत ने किया कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम का संचालन कक्षा-5 की छात्रा मिष्टी रावत ने किया। इस अवसर पर देवप्रयाग के विधायक विनोद कंडारी ने विद्यार्थियों के शैक्षिक भ्रमण का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से वह तीसरी बार उत्तर प्रदेश में बच्चों को लेकर आए हैं।
कार्यक्रम में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री जोत सिंह बिष्ट के अलावा शिक्षक, विद्यार्थी और प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य मौजूद रहे।









