गोरखपुर, 6 अप्रैल 2026। राजनीतिक नारों और भाषणों के बीच कुछ बातें ऐसी होती हैं जो सीधे कार्यकर्ताओं के मन में उतर जाती हैं। भाजपा स्थापना दिवस के मौके पर गोरखपुर में आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ ऐसा ही संदेश दिया—“भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता अपने लिए नहीं, देश और समाज के लिए जीता है।”
मानसरोवर रामलीला मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में माहौल उत्साह और ऊर्जा से भरा था। मंच से लेकर मैदान तक, हर ओर पार्टी के झंडे और नारों के बीच कार्यकर्ताओं का जोश साफ नजर आ रहा था।
भाजपा स्थापना दिवस: जनसंघ से भाजपा तक समर्पण की परंपरा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा की जड़ें केवल एक राजनीतिक दल के रूप में नहीं, बल्कि एक वैचारिक आंदोलन (ideological movement) के रूप में विकसित हुई हैं। उन्होंने याद दिलाया कि यह परंपरा Syama Prasad Mukherjee के समय से चली आ रही है, जब जनसंघ की स्थापना के साथ “राष्ट्र प्रथम” का विचार सामने आया।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद देश में ऐसी नीतियां लागू की गईं, जिनसे विभाजनकारी सोच को बढ़ावा मिला। उस दौर में डॉ. मुखर्जी ने “एक देश में दो प्रधान, दो निशान, दो विधान नहीं चलेंगे” का नारा देकर राष्ट्रीय एकता की मजबूत आवाज उठाई।
अटल युग से मोदी काल तक—राजनीति में स्थिरता और विकास
सीएम योगी ने कहा कि 6 अप्रैल 1980 को Atal Bihari Vajpayee के नेतृत्व में भाजपा का गठन हुआ। विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी ने अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया।
उन्होंने बताया कि अटल जी के नेतृत्व में देश को राजनीतिक स्थिरता मिली और विकास को बिना भेदभाव हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास हुआ। वहीं, Narendra Modi के नेतृत्व में 2014 के बाद देश ने एक नए आत्मविश्वास के साथ विकास की राह पकड़ी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “जनता को भरोसा था कि मोदी जी कुछ अलग करेंगे—और उन्होंने करके दिखाया।” उन्होंने धारा 370 हटाने, गरीब कल्याण योजनाओं और बुनियादी विकास कार्यों का भी जिक्र किया।
राम मंदिर से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ तक
अपने संबोधन में Yogi Adityanath ने कहा कि Lal Krishna Advani और अटल जी के समय लिया गया राम मंदिर निर्माण का संकल्प आज अयोध्या में साकार हो चुका है।
उन्होंने इसे “राष्ट्र मंदिर” बताते हुए कहा कि भाजपा ने जो कहा, उसे पूरा किया—और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। “कथनी और करनी में अंतर नहीं होना चाहिए,” उन्होंने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया।
चुनौतियों के बीच आगे बढ़ता संगठन
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को चेताते हुए कहा कि जैसे-जैसे संगठन बड़ा होता है, चुनौतियां भी बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति से असहज ताकतें दुष्प्रचार (misinformation) और षड्यंत्रों के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेंगी, लेकिन कार्यकर्ताओं को एकजुट रहकर इनका सामना करना होगा।
अंबेडकर जयंती तक विशेष अभियान का ऐलान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 14 अप्रैल को B. R. Ambedkar जयंती तक चलने वाले विशेष कार्यक्रमों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल को बूथ स्तर तक स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा और 14 अप्रैल को बाबा साहेब की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि दी जाएगी।
इसके साथ ही राज्यभर में उनकी प्रतिमाओं के ऊपर छत्र लगाने, पार्कों के सौंदर्यीकरण और बाउंड्रीवाल निर्माण जैसे कार्य भी किए जाएंगे।
समारोह में दिखा संगठन का व्यापक स्वरूप
कार्यक्रम में सांसद Ravi Kishan ने कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए समर्पित है। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व को “राष्ट्र प्रथम” की भावना का उदाहरण बताया।
इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायकगण, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। खास बात यह रही कि जनसंघ काल से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को मंच पर सम्मानित किया गया—जिससे संगठन की जड़ों और उसकी विरासत को याद किया गया।
निष्कर्ष: विचारधारा से जुड़ा संगठन, केवल राजनीति नहीं
गोरखपुर में आयोजित यह समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भाजपा की वैचारिक यात्रा और उसके भविष्य के संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा। मुख्यमंत्री का संदेश साफ था—यदि कार्यकर्ता “राष्ट्र प्रथम” के सिद्धांत पर अडिग रहते हैं, तो संगठन की ताकत और जनविश्वास दोनों लगातार मजबूत होते रहेंगे।









