लखनऊ, 22 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में युवाओं को हुनर के मुताबिक नौकरी दिलाने और उद्योगों को योग्य कर्मचारी उपलब्ध कराने के लिए तकनीक आधारित पहल को विस्तार दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) के ‘Blue DotsAI’ प्लेटफॉर्म को प्रदेश के सभी 18 मंडलों तक पहुंचाने की तैयारी है। इस डिजिटल मंच के जरिए युवाओं को आसपास उपलब्ध नौकरियों की जानकारी मिलेगी, वहीं कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार उम्मीदवार तलाश सकेंगी।
इस पहल की खासियत यह है कि नौकरी तलाशने और भर्ती की प्रक्रिया को डिजिटल मैप तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित वॉइस बॉट से आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे खास तौर पर स्थानीय उद्योगों, एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में रोजगार के अवसरों तक युवाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
Blue DotsAI: यूपी के 18 मंडलों में रोजगार के अवसरों का डिजिटल मैप
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के ‘Blue DotsAI’ प्लेटफॉर्म का उद्देश्य रोजगार तलाशने वाले युवाओं और कर्मचारियों की जरूरत वाले उद्योगों को एक साझा डिजिटल मंच पर लाना है। इसके माध्यम से युवा अपने आसपास मौजूद रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी तलाश सकेंगे।
मिशन निदेशक पुलकित खरे के निर्देशन में गुरुवार को उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और एक स्टेप फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके साथ ही जून से संचालित इस पहल को औपचारिक रूप से मिशन से जोड़ दिया गया है।
अब तक गाजियाबाद में किए गए पायलट प्रोजेक्ट के अनुभव के आधार पर इसे प्रदेश के सभी 18 मंडलों में विस्तारित करने की योजना है। हालांकि, सभी मंडलों में इसकी शुरुआत और उपलब्धता का वास्तविक समयबद्ध कार्यक्रम अलग से स्पष्ट होना जरूरी होगा।
गाजियाबाद में 25 हजार से अधिक नौकरियां मैप पर खोजने योग्य
‘Blue DotsAI’ के गाजियाबाद पायलट प्रोजेक्ट के दौरान 20 से 25 किलोमीटर के दायरे में 25 हजार से अधिक नौकरियों को डिजिटल मैप पर खोजने योग्य बनाया गया है। इस मॉडल के जरिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार के अवसरों को एक जगह दिखाने का प्रयास किया गया।
प्लेटफॉर्म पर नौकरी तलाशने वाले युवा संबंधित कंपनी, रिक्त पदों की संख्या, शुरुआती वेतन, ओवरटाइम और पिक-अप व ड्रॉप जैसी सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे उन्हें नौकरी चुनने से पहले जरूरी जानकारियां मिल सकेंगी।
दूसरी ओर, कंपनियां अपनी आवश्यकता के अनुसार उम्मीदवारों की प्रोफाइल तलाश सकेंगी। इससे भर्ती प्रक्रिया में लगने वाला समय कम करने और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्रतिभा का बेहतर इस्तेमाल करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र पर रहेगा विशेष फोकस
उत्तर प्रदेश में छोटे उद्योगों और विनिर्माण इकाइयों को कुशल कर्मचारियों की जरूरत रहती है। ऐसे में ‘Blue DotsAI’ पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल क्षेत्र की नौकरियों को प्रमुखता से शामिल करने की योजना है।
इनमें अपैरल, फूड एंड बेवरेज जैसे क्षेत्रों के साथ वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन और मशीन ऑपरेटर जैसे तकनीकी पद शामिल होंगे। इस तरह का वर्गीकरण युवाओं को उनके प्रशिक्षण और कौशल के अनुसार नौकरी तलाशने में मदद कर सकता है।
खास बात यह है कि स्थानीय स्तर पर नौकरी मिलने से युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे शहरों में जाने की मजबूरी भी कुछ हद तक कम हो सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि प्लेटफॉर्म पर कितनी नियमित रूप से सत्यापित रिक्तियां उपलब्ध कराई जाती हैं और कंपनियां भर्ती प्रक्रिया में इसका कितना इस्तेमाल करती हैं।
AI वॉइस बॉट से बोलकर दर्ज होगी भर्ती की जरूरत
‘Blue DotsAI’ की एक प्रमुख सुविधा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित वॉइस बॉट है। इसके जरिए कंपनियां और इंडस्ट्री एसोसिएशन हिंदी, अंग्रेजी या अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में बोलकर अपनी भर्ती संबंधी जरूरतें दर्ज करा सकेंगे।
इस व्यवस्था से उन छोटे कारोबारियों को भी मदद मिल सकती है, जिन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिक्तियां दर्ज करने में कठिनाई होती है। बोलकर जानकारी देने की सुविधा से भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास किया जाएगा।
उम्मीदवारों के लिए भी वॉइस बॉट उपयोगी साबित हो सकता है। यह उनकी प्रोफाइल के अनुरूप उपलब्ध नौकरियों की जानकारी देने और उनकी सहमति से आवेदन प्रक्रिया में सहायता करने में सक्षम होगा।
काउंसलिंग और मॉक इंटरव्यू से नौकरी की तैयारी
रोजगार के अवसरों की जानकारी देना ही इस पहल का एकमात्र उद्देश्य नहीं है। युवाओं को नौकरी के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया जाएगा।
इसके तहत काउंसलिंग, मॉक इंटरव्यू और इंडस्ट्री एसोसिएशन के साथ सीधे संवाद जैसी सुविधाओं को शामिल करने की योजना है। इन गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को इंटरव्यू की तैयारी करने, अपनी क्षमताओं को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने और उद्योगों की अपेक्षाओं को समझने में मदद मिल सकती है।
कौशल प्रशिक्षण के बाद नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए यह व्यवस्था उपयोगी हो सकती है, क्योंकि कई बार प्रशिक्षण पूरा करने के बावजूद उन्हें उपयुक्त रिक्तियों और भर्ती प्रक्रिया की जानकारी नहीं मिल पाती।
हुनर से रोजगार तक युवाओं को जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कौशल विकास को रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। ‘Blue DotsAI’ इसी दिशा में एक तकनीक आधारित प्रयास है, जिसका लक्ष्य प्रशिक्षित युवाओं और नियोक्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
मिशन निदेशक पुलकित खरे के अनुसार, प्रयास है कि युवाओं को नौकरी की तलाश में अनावश्यक भटकना न पड़े और उन्हें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अवसरों की जानकारी आसानी से मिल सके।
अब इस पहल की सफलता इस बात से तय होगी कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में इसका विस्तार कितनी तेजी से होता है, प्लेटफॉर्म पर कितनी वास्तविक रिक्तियां उपलब्ध रहती हैं और कितने युवाओं को इसके माध्यम से रोजगार मिल पाता है। यदि इन पहलुओं पर प्रभावी ढंग से काम होता है, तो डिजिटल तकनीक कौशल विकास और रोजगार के बीच की दूरी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।









