Budget 2026 Middle Class Relief — टैक्स नियम आसान, कटौतियाँ कम, अनुपालन सरल
नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026। निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2026 पेश करते हुए साफ संकेत दिया कि इस बार फोकस टैक्स स्लैब बदलने पर नहीं, बल्कि टैक्स सिस्टम को सरल (simplify) करने और कटौतियों/प्रक्रियाओं को कम (rationalise) करने पर है। सैलरीड और मिडिल क्लास के लिए राहतें ऐसी जगह दी गई हैं, जो सीधे जेब से कम और प्रक्रिया, TDS/TCS और अनुपालन से ज्यादा जुड़ी हैं।
भाषण में कई ऐसे प्रस्ताव आए जो रोज़मर्रा की टैक्स झंझटों को हल्का करते हैं—भले ही इनकम टैक्स स्लैब और स्टैंडर्ड डिडक्शन जस के तस रखे गए हों। सवाल वही है: क्या यह राहत है, या भविष्य में कर्ज का दबाव बढ़ने की आशंका? आइए, बिंदुवार समझते हैं।
नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से
सरकार ने घोषणा की कि नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। उद्देश्य—फॉर्म और नियमों को इतना सरल बनाना कि आम करदाता बिना विशेषज्ञ मदद के अनुपालन कर सके। संकेत साफ है: कम कानूनी जटिलता, ज्यादा स्पष्टता।
ऑटोमेटेड NIL/लो डिडक्शन सर्टिफिकेट
छोटे करदाताओं के लिए नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रक्रिया प्रस्तावित है, जिससे वे NIL या कम TDS का सर्टिफिकेट बिना आकलन अधिकारी के चक्कर लगाए पा सकें। इससे समय बचेगा और अनावश्यक टैक्स कटने के बाद रिफंड का इंतज़ार भी घटेगा।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम के ब्याज पर टैक्स छूट
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए मुआवज़े के ब्याज पर अब इनकम टैक्स और TDS नहीं लगेगा। दुर्घटना पीड़ितों के लिए यह मानवीय राहत है—मुआवज़े का पूरा लाभ सीधे हाथ में।
TCS दरों का युक्तिकरण: विदेश यात्रा, शिक्षा, इलाज
ओवरसीज टूर पैकेज पर TCS को 5%/20% से घटाकर 2% करने का प्रस्ताव।
LRS के तहत शिक्षा और मेडिकल उद्देश्यों के लिए TDS/TCS 5% से 2%।
विदेश में पढ़ाई या इलाज की योजना बनाने वाले परिवारों के लिए यह नकदी प्रवाह (cash flow) को राहत देता है।
मैनपावर सप्लाई पर स्पष्ट TDS: 1%–2%
मैनपावर सेवाओं को TDS के लिए ठेकेदार भुगतान की श्रेणी में स्पष्ट किया गया है। अब इस पर 1% या 2% TDS लगेगा—अस्पष्टता खत्म, अनुपालन आसान।
रिवाइज्ड ITR की डेडलाइन 31 मार्च तक
संशोधित ITR भरने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करने का प्रस्ताव। मामूली फीस के साथ करदाता को गलती सुधारने का अतिरिक्त समय मिलेगा।
डिपॉजिटरी के जरिए Form 15G/15H
जिन निवेशकों के पास कई कंपनियों की सिक्योरिटीज हैं, वे डिपॉजिटरी को Form 15G/15H लेकर संबंधित कंपनियों तक पहुँचाने के लिए अधिकृत कर सकेंगे। कागज़ी दौड़-भाग कम होगी।
ITR-1/ITR-2 की डेडलाइन यथावत
व्यक्तिगत करदाताओं (ITR-1/2) के लिए रिटर्न की तारीख 31 जुलाई ही रहेगी। नॉन-ऑडिट बिज़नेस/ट्रस्ट मामलों के लिए 31 अगस्त का प्रस्ताव।
NRI प्रॉपर्टी सेल: PAN आधारित TDS जमा
NRI द्वारा भारत में संपत्ति बेचने पर TDS जमा करने के लिए अब खरीदार PAN-आधारित चालान से काम कर सकेगा; अलग से TAN की जरूरत नहीं। प्रक्रिया सरल, त्रुटि कम।
6 महीने की विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना
स्टूडेंट्स, युवा प्रोफेशनल्स, टेक कर्मचारियों और NRI जैसे छोटे करदाताओं के लिए एकमुश्त 6 माह की विंडो—निर्धारित सीमा से कम आय/संपत्ति का खुलासा कर अनुपालन दुरुस्त करने का अवसर।
निजी उपयोग के आयात पर कस्टम ड्यूटी आधी
पर्सनल यूज़ के लिए आयातित सामान पर टैरिफ रेट 20% से घटाकर 10% करने का प्रस्ताव—सीधा लाभ उपभोक्ताओं को।
निष्कर्ष: राहत प्रक्रियाओं में, जेब में धीरे-धीरे
बजट 2026 ने मिडिल क्लास को तत्काल टैक्स स्लैब राहत नहीं दी, पर TDS/TCS में कटौती, डेडलाइन लचीलापन, फॉर्म/प्रक्रिया सरलीकरण और मानवीय छूटों के जरिए रोज़मर्रा के टैक्स बोझ को हल्का करने की कोशिश की है। यह “कम टैक्स” से ज्यादा “कम झंझट” वाला बजट दिखता है। कर्ज का बोझ बढ़ेगा या नहीं—यह व्यापक आर्थिक प्रबंधन पर निर्भर करेगा, लेकिन फिलहाल करदाताओं के लिए संदेश साफ है: अनुपालन आसान, कटौतियाँ कम, और सिस्टम अधिक नागरिक-हितैषी।











