लखनऊ | 25 जनवरी 2026 (रविवार) — आर्थिक तंगी अक्सर प्रतिभा के रास्ते में सबसे बड़ी दीवार बन जाती है। लेकिन जब व्यवस्था सहारा बनती है, तो वही प्रतिभा आत्मनिर्भरता की मिसाल बन जाती है। उत्तर प्रदेश में संचालित छात्रवृत्ति योजना का असर अब ज़मीन पर साफ दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाई जा रही इस पहल ने हजारों मेधावी और जरूरतमंद विद्यार्थियों के जीवन में ठोस बदलाव की कहानी लिखी है।
रविवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में उन छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने छात्रवृत्ति का सही उपयोग कर न केवल अपनी शिक्षा पूरी की, बल्कि रोजगार हासिल कर आत्मनिर्भर बनने की राह भी पकड़ी। इस अवसर पर शिवम चंद्र, श्रुति शुक्ला, अंकित यादव, सौमित्र यादव, मोहम्मद अनस अहमद और शुभम कुमार सहित कई छात्रों को सम्मानित किया गया।
इन विद्यार्थियों की कहानियाँ सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण हैं कि छात्रवृत्ति योजना सही हाथों में पड़कर किस तरह सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन सकती है।
योजना का लाभ पाकर श्रुति बनीं कंप्यूटर सहायक
सम्मानित छात्रा श्रुति शुक्ला के लिए यह अवसर भावनात्मक भी था और प्रेरणादायक भी। उन्होंने वर्ष 2020 में अटल बिहारी वाजपेई नगर निगम डिग्री कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उस समय परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि पढ़ाई बिना रुकावट जारी रह सके। ऐसे में सरकार द्वारा मिली छात्रवृत्ति ने उन्हें वह संबल दिया, जिसकी उन्हें सबसे अधिक आवश्यकता थी।
श्रुति ने बताया कि छात्रवृत्ति के कारण उन्हें फीस, किताबों और अन्य शैक्षणिक खर्चों को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ी। आज वही श्रुति उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम में कंप्यूटर सहायक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाज कल्याण विभाग को देते हुए आभार व्यक्त किया।
छात्रवृत्ति से इंजीनियर बनने का सपना हुआ साकार
अंकित यादव की कहानी संघर्ष से सफलता तक की यात्रा है। एक मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले अंकित के लिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई का सपना आर्थिक सीमाओं से घिरा हुआ था। वर्ष 2024 में उन्होंने इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।
अंकित बताते हैं कि यदि छात्रवृत्ति योजना का सहारा न मिला होता, तो संभवतः उनका यह सपना अधूरा रह जाता। आज वे एक प्रतिष्ठित कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
सम्मान समारोह में इन विद्यार्थियों को मिले छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कई छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र भी प्रदान किए। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:
- सुहानी जायसवाल
- उदित किशन
- उदित राज
- रूपाली साहू
- शौर्य सिंह
- इशिका गुप्ता
- अनूप सिंह
- रुकैया
- अमित कुमार
- आदित्य कुमार
छात्रवृत्ति योजना: शिक्षा से आत्मनिर्भरता तक का सेतु
विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रवृत्ति योजना केवल आर्थिक सहायता भर नहीं है, बल्कि यह शिक्षा और रोजगार के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रही है। जिन परिवारों के लिए उच्च शिक्षा कभी दूर का सपना हुआ करती थी, उनके बच्चे आज सरकारी और निजी क्षेत्रों में जिम्मेदार पदों पर कार्यरत हैं।
यह पहल युवाओं में न सिर्फ आत्मविश्वास बढ़ा रही है, बल्कि समाज में यह संदेश भी दे रही है कि अवसर मिलने पर प्रतिभा अपना रास्ता खुद बना लेती है।








