वैशाली (Sun, 08 Feb 2026)- वैशाली जिले के हाजीपुर में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रविवार को एक स्पष्ट संदेश दिया—कानून से ऊपर कोई नहीं है। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जिनके कर्म सही हैं, उन्हें भयभीत होने की आवश्यकता नहीं, लेकिन यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने देश की न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखने की अपील करते हुए कहा कि न्याय तंत्र तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे बढ़ता है।
बातचीत का केंद्र पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की हालिया गिरफ्तारी रही, जिसे चिराग पासवान ने पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने दो टूक कहा कि बिना ठोस आधार और प्रमाण के किसी सांसद के खिलाफ ऐसी कार्रवाई संभव नहीं होती। उनके शब्दों में, जांच एजेंसियों के पास निश्चित रूप से ऐसे तथ्य रहे होंगे, जिनके आधार पर यह कदम उठाया गया।
“भय का वातावरण बनाना उचित नहीं”
गिरफ्तारी के दौरान बने माहौल पर टिप्पणी करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि अनावश्यक भय का वातावरण बनाना उचित नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि संबंधित पक्ष को कानून का सहयोग करना चाहिए था। यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ कार्रवाई नहीं, बल्कि विधि के अनुसार उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक, चाहे वह जनप्रतिनिधि ही क्यों न हो, कानून के दायरे में आता है।
चिराग पासवान ने यह भी जोड़ा कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में यदि कोई निर्दोष है तो उसे किसी प्रकार की हानि नहीं होगी, लेकिन दोष सिद्ध होने पर कठोर कार्रवाई तय है। इस संदर्भ में उन्होंने कांग्रेस और राजद पर ‘बदले की राजनीति’ का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान कार्रवाई को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय विधिक दृष्टि से समझा जाना चाहिए।
31 साल पुराने मामले में कार्रवाई, एमपी-एमएलए कोर्ट में पेशी
इस मामले की पृष्ठभूमि में 31 वर्ष पुराना प्रकरण बताया जा रहा है। पटना पुलिस ने 6 फरवरी 2026 की देर रात कार्रवाई करते हुए पप्पू यादव को गिरफ्तार किया। यह मामला गर्दनीबाग थाना में दर्ज धोखाधड़ी (धारा 420), जालसाजी (468) और आपराधिक साजिश (120B) से संबंधित है। 7 फरवरी 2026 को उन्हें एमपी-एमएलए कोर्ट पटना में पेश किया गया, जहां से अदालत ने दो दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना सामने आई, जिसके बाद उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में भर्ती कराया गया। उनकी जमानत याचिका पर 9 फरवरी 2026 को सुनवाई संभावित बताई जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम पर हाजीपुर से आया चिराग पासवान का बयान एक व्यापक संदेश देता है—न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखिए। निर्दोष को डरने की जरूरत नहीं, लेकिन दोषी पाए जाने पर कानून अपना काम करेगा।













