लखनऊ, 7 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बुधवार को लखनऊ में सेवा ज्योति यात्रा और विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन किया गया। जीपीओ स्थित पटेल पार्क में आयोजित कार्यक्रम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करने के साथ ही समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने राज्यसभा चुनाव के नतीजों को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए दावा किया कि राज्यसभा चुनाव ने विधानसभा चुनाव के संभावित परिणाम का संकेत दे दिया है। उन्होंने कहा कि लड़ाई एक बार फिर 80-20 पर आ गई है। योगी ने अपने बयान में 80 फीसदी को एनडीए और 20 फीसदी को पीडीए से जोड़ा।
राज्यसभा चुनाव पर सीएम योगी का 80-20 वाला तंज
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्यसभा चुनाव ने बता दिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में क्या होने वाला है। उन्होंने कहा, “यह लड़ाई फिर 80-20 की हो गई है।” उनके मुताबिक 80 फीसदी एनडीए और 20 फीसदी पीडीए का हिस्सा है। उन्होंने आगे कहा कि पीडीए का क्या हाल होगा, यह बाद में पता चलेगा।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। राज्यसभा चुनाव के गणित को विधानसभा चुनाव से जोड़ना इसी राजनीतिक माहौल का हिस्सा है।
हालांकि, राज्यसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव अलग-अलग निर्वाचन प्रक्रियाएं हैं। इसलिए मुख्यमंत्री का यह आकलन राजनीतिक बयान के तौर पर देखा जा रहा है, न कि विधानसभा चुनाव के वास्तविक परिणाम के रूप में।
‘गांव से ग्लोबल’ तक पीएम मोदी की यात्रा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह अवसर देशवासियों के लिए गौरव का दिन है।
योगी ने कहा कि गुजरात के एक छोटे से गांव से निकलकर नरेंद्र मोदी ने देश का नेतृत्व किया और भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में भूमिका निभाई। उन्होंने प्रधानमंत्री की इस यात्रा को ‘गांव से ग्लोबल’ तक की यात्रा बताया।
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। उनके मुताबिक उस समय गुजरात गंभीर आपदा से गुजर रहा था और राज्य के सामने कई चुनौतियां थीं। ऐसे समय में मोदी ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली और गुजरात को एक मॉडल राज्य के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में काम किया।
लखनऊ और वाराणसी का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की राजनीतिक भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री और लखनऊ से सांसद थे।
आज स्थिति बदल चुकी है। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं और वाराणसी से लोकसभा सांसद के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं। योगी ने इसे उत्तर प्रदेश के राजनीतिक महत्व से जोड़ते हुए कहा कि प्रदेश का देश के नेतृत्व में लगातार महत्वपूर्ण स्थान रहा है।
सेवा ज्योति यात्रा से विकसित भारत का संदेश
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘जनसेवा से देशसेवा’ प्रदर्शनी का अवलोकन किया और सेवा ज्योति यात्रा से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्ष की यात्रा को जनसेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान महिलाओं की सुरक्षा, किसानों के जीवन में सुधार और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया।
योगी ने कार्यकर्ताओं से सेवा ज्योति के संदेश को आगे ले जाने और विकसित भारत 2047 के संकल्प से आम लोगों को जोड़ने की अपील भी की।
पीएम मोदी के 25 साल के बहाने चुनावी माहौल भी चर्चा में
लखनऊ का यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित किया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी के बयान ने इसे उत्तर प्रदेश की आगामी चुनावी राजनीति से भी जोड़ दिया। खासकर 80-20 वाली टिप्पणी के बाद राज्य में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
फिलहाल विधानसभा चुनाव का वास्तविक जनादेश भविष्य में होने वाले मतदान और मतगणना से ही तय होगा। मुख्यमंत्री योगी का 80-20 वाला आकलन उनके राजनीतिक संबोधन और चुनावी रणनीति के संदर्भ में सामने आया है।









