लखनऊ/8 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश पुलिस में खेल प्रतिभाओं को सरकारी सेवा से जोड़ने के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को लेकर कई अहम बातें कहीं। गुरुवार को लखनऊ के लोक भवन में कुशल खिलाड़ी कोटा के तहत 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नियुक्तियों में न सिफारिश चली, न किसी तरह का लेनदेन हुआ और न ही किसी सिंडिकेट को हावी होने दिया गया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नियुक्ति पाने वाले खिलाड़ियों की प्रतिभा और मेहनत ही उनके चयन का आधार बनी है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह देते हुए समाजवादी पार्टी पर भी राजनीतिक टिप्पणी की और कहा कि युवाओं को इनसे सावधान रहना चाहिए।
470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र, सीएम योगी बोले- प्रतिभा का मिला सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले पुलिस अथवा अन्य सरकारी विभागों में खिलाड़ियों की सीधी भर्ती के लिए इस तरह की व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों से कहा कि यह सरकार की कृपा या उनकी व्यक्तिगत अनुकंपा का परिणाम नहीं है, बल्कि उनकी अपनी प्रतिभा का सम्मान है।
उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में किसी की सिफारिश नहीं चली। कोई लेनदेन नहीं हुआ और किसी सिंडिकेट को प्रभावी नहीं होने दिया गया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया में खिलाड़ियों की प्रतिभा और परिश्रम को प्राथमिकता दी गई।
यह बात उन खिलाड़ियों के लिए खास मायने रखती है, जिन्होंने वर्षों तक मैदान में अभ्यास और प्रतियोगिताओं के जरिए अपनी पहचान बनाई है। अब वही खेल कौशल उन्हें वर्दी में जिम्मेदारी निभाने का अवसर दे रहा है।
‘शराब और सपा, ये दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं’
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को शराब से दूर रहने की सलाह दी। इसी क्रम में उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा, “शराब और सपा, ये दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।”
उन्होंने युवाओं से सावधान रहने की बात कही और समाजवादी पार्टी की ओर से युवाओं की नियुक्तियों से जुड़े दावों पर भी टिप्पणी की। योगी ने कहा कि जब सपा युवाओं की नियुक्ति की बात करती है तो उन्हें ऐसा लगता है जैसे कोई मगरमच्छ पानी में बैठकर शांति का उपदेश दे रहा हो।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के पुराने दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश में लोगों का जीवन सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही सीमित माना जाता था और उसके पहले या बाद में बाहर निकलना सुरक्षित नहीं समझा जाता था।
जर्सी से वर्दी तक, खिलाड़ियों से सरकार की नई अपेक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति पाने वाले खिलाड़ियों को उनके खेल जीवन से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह वे मैदान में जर्सी पहनकर प्रदर्शन करते थे, अब सरकार उनसे वर्दी में भी उसी अनुशासन, मेहनत और प्रतिबद्धता की अपेक्षा करती है।
उन्होंने कहा कि सरकार की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के बाद ही खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र मिला है। अब उनकी जिम्मेदारी है कि वे पुलिस सेवा में भी अपनी कार्यक्षमता और अनुशासन का परिचय दें।
योगी ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उनके संबोधन में खेल उपलब्धियों को सरकारी सेवा और राष्ट्र सेवा से जोड़ने पर खास जोर रहा।
गांव से इंटरनेशनल स्टेडियम तक खेल सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नए उत्तर प्रदेश’ में खेल सुविधाओं को गांव से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक विकसित किया जा रहा है। गांवों और ब्लॉकों से लेकर जनपद एवं प्रदेश स्तर तक खेल मैदान, मिनी स्टेडियम, स्टेडियम और इंटरनेशनल स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार ने 64 हजार हेक्टेयर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है और खेल गतिविधियों के लिए आधारभूत ढांचा विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रत्येक कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज और इनमें Centre of Excellence स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इन केंद्रों में खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अभ्यास, बेहतर कोचिंग और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास अब अपनी स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी भी है और सरकार का लक्ष्य प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें आगे बढ़ाना है।
खेल मैदान से पुलिस की वर्दी तक पहुंची इन प्रतिभाओं की कहानी केवल नौकरी मिलने तक सीमित नहीं है। सरकार इसे खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं को खेल के साथ करियर का अवसर देने वाली व्यवस्था के रूप में पेश कर रही है।








