लखनऊ/1 अक्टूबर 2026: लखनऊ में गुरुवार को पुलिस सेवा के दौरान अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। लोक भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 पुलिसकर्मियों को वीरता पदक प्रदान कर उनके योगदान को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने वीरता पदक पाने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देने के साथ 1,000 रुपये प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। समारोह में पुलिस सेवा के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद पुलिसकर्मियों को भी श्रद्धांजलि दी गई।
26 पुलिसकर्मियों को वीरता पदक से किया सम्मानित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में गणतंत्र दिवस 2025 और गणतंत्र दिवस 2026 पर घोषित वीरता पदकों से सम्मानित होने वाले कुल 26 पुलिसकर्मियों को पदक प्रदान किए। इनमें उत्तर प्रदेश पुलिस की एसटीएफ, नागरिक पुलिस, पीएसी और विभिन्न पुलिस कमिश्नरेट व जिलों में तैनात अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के साहस और कर्तव्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के जवान कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं और कई बार कर्तव्य पालन के दौरान अपने जीवन तक का बलिदान देते हैं।
शहीद निरीक्षक सुनील कुमार के परिवार को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले एसटीएफ के शहीद निरीक्षक सुनील कुमार को भी याद किया। उन्होंने शहीद निरीक्षक की पत्नी मुनेश देवी को नगद धनराशि और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
निरीक्षक सुनील कुमार ने 20 जनवरी 2025 को शामली के झिंझाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया था। इस कार्रवाई में चार अपराधियों के मारे जाने की जानकारी दी गई थी। कर्तव्य का निर्वहन करते हुए निरीक्षक सुनील कुमार वीरगति को प्राप्त हुए थे।
स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित करने की घोषणा भी की गई थी।
गणतंत्र दिवस 2025 पर घोषित वीरता पदक पाने वाले पुलिसकर्मी
गणतंत्र दिवस 2025 पर घोषित वीरता पदक से सम्मानित पुलिसकर्मियों में:
- देवदत्त सिंह — आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- राजन कुमार — आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- रितुल कुमार वर्मा — आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- निपुण अग्रवाल, आईपीएस — सेनानायक, नवमी वाहिनी पीएसी, मुरादाबाद
- स्वतंत्र कुमार सिंह — अपर पुलिस उपायुक्त, कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर
- मुन्ने सिंह — उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, मेरठ
- नीरज कुमार पाल — आरक्षी, नागरिक पुलिस, कमिश्नरेट गाजियाबाद
- अशोक कुमार मीणा, आईपीएस — पुलिस अधीक्षक, हरदोई
- कुलदीप कुमार — पुलिस उपाधीक्षक, संभल
- गीतेश कपिल — निरीक्षक, नागरिक पुलिस, शाहजहांपुर
- प्रवीण अहलावत — आरक्षी, नागरिक पुलिस, सहारनपुर
- अमित — निरीक्षक, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- अंगद सिंह यादव — उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- डॉ. दीक्षा शर्मा — पुलिस उपायुक्त, कमिश्नरेट लखनऊ
- संदीप कुमार — आरक्षी, नागरिक पुलिस, कमिश्नरेट गाजियाबाद
- रिपुदमन सिंह — निरीक्षक, नागरिक पुलिस
गणतंत्र दिवस 2026 पर घोषित वीरता पदक पाने वाले पुलिसकर्मी
गणतंत्र दिवस 2026 पर घोषित वीरता पदक से सम्मानित पुलिसकर्मियों में:
- धर्मेंद्र सिंह राठौर — निरीक्षक, नागरिक पुलिस, बुलंदशहर
- केशव शांडिल्य — उपनिरीक्षक, एसटीएफ
- राहुल कुमार — मुख्य आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- अजय कुमार वर्मा — उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, मथुरा
- घनश्याम यादव — निरीक्षक, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- अवनीश कुमार त्यागी — उपनिरीक्षक, नागरिक पुलिस, मैनपुरी
- अमित त्रिपाठी — आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- अमित — निरीक्षक, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
- मनीष बिष्ट — निरीक्षक, नागरिक पुलिस, कमिश्नरेट गाजियाबाद
- रणधीर सिंह — मुख्य आरक्षी, नागरिक पुलिस, एसटीएफ
इस तरह दोनों वर्षों के लिए घोषित वीरता पदकों से सम्मानित 26 पुलिसकर्मियों को एक ही समारोह में सम्मान मिला।
पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन
समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया। पुस्तक में पुलिस सेवा से जुड़े अनुभवों और पुलिस सुधार से संबंधित विषयों को सामने रखा गया है।
प्रकाश सिंह ने उत्तर प्रदेश के अलावा असम, नागालैंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में भी पुलिस सेवा की है। पांच राज्यों में काम करने के दौरान मिले अनुभवों और पुलिस व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को पुस्तक में स्थान दिया गया है।
पुलिस सुधार से लेकर जवानों के साहस तक, लोक भवन का यह कार्यक्रम खाकी वर्दी के उस पक्ष को सामने लाया, जिसमें ड्यूटी केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि कई बार जीवन का जोखिम भी बन जाती है। वीरता पदक से सम्मानित पुलिसकर्मियों का योगदान इसी कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल के रूप में सामने आया।









