प्रयागराज/15 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के लिए संघर्ष करने वाले महापुरुषों को सम्मान देना जरूरी है। उनके योगदान को याद करके ही समाज अपनी ऐतिहासिक विरासत को समझ सकता है और आगे बढ़ सकता है। गुरुवार को प्रयागराज पहुंचे मुख्यमंत्री ने तेलियरगंज चौराहे के पास बाबू मसूरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके बाद उन्होंने रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी के मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मसूरियादीन पासी के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान और सामाजिक जागरूकता के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों का सम्मान किसी एक परिवार की बपौती नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
सीएम योगी आदित्यनाथ प्रयागराज में बोले- मसूरियादीन पासी ने आजादी के लिए किया संघर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मसूरियादीन पासी ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और इस दौरान नौ साल जेल में बिताए। जेल से बाहर आने के बाद भी वह जनजागरण के कार्यों में जुटे रहे।
सीएम योगी ने उनके राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए बताया कि मसूरियादीन पासी वर्ष 1945 में विधानसभा के सदस्य चुने गए थे। आजादी के बाद भी उन्होंने सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई और वर्ष 1952 से 1972 के बीच चार बार संसद के लिए चुने गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके संघर्ष और सामाजिक योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि लोग उन व्यक्तित्वों के बारे में जान सकें जिन्होंने देश और समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जवाहरलाल नेहरू के साथ संसद पहुंचे थे मसूरियादीन पासी
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 1952 के पहले आम चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय एक संसदीय क्षेत्र से दो सांसद चुने जाने की व्यवस्था थी। इसी व्यवस्था के तहत जवाहरलाल नेहरू और मसूरियादीन पासी दोनों संसद पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री ने मसूरियादीन पासी के सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पासी और सोनकर समाज के लोगों को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने और सम्मानजनक जीवन की दिशा में प्रेरित करने का काम किया।
उनके अनुसार, ऐसे महापुरुषों की भूमिका को याद करना केवल अतीत का स्मरण नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता और सम्मान की भावना को मजबूत करने का भी माध्यम है।
प्रतिमा अनावरण के साथ चौराहे का नाम बदलने की घोषणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तेलियरगंज चौराहे के पास बाबू मसूरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि जिस चौराहे पर प्रतिमा स्थापित की गई है, उसका नाम भी मसूरियादीन पासी के नाम पर रखा जाएगा।
उन्होंने प्रयागराज की किसी संस्था का नाम भी उनके नाम पर रखने की बात कही। इस घोषणा को उनके योगदान को सार्वजनिक स्मृति में स्थान देने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रतिमा अनावरण और नामकरण की घोषणा के जरिए सरकार ने स्थानीय स्तर पर ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की स्मृति को संरक्षित करने का संदेश दिया।
महापुरुषों का सम्मान किसी एक परिवार की बपौती नहीं: योगी
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि देश के लिए संघर्ष और बलिदान करने वाले लोगों को सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि महापुरुषों की विरासत को किसी एक परिवार या वर्ग तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए।
उनके मुताबिक, देश का इतिहास उन अनेक लोगों के संघर्ष से बना है, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक जागरूकता में योगदान दिया। ऐसे व्यक्तित्वों को उचित पहचान देना समाज के व्यापक हित में है।
प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रतिमा अनावरण, सार्वजनिक स्थल के नामकरण की घोषणा और मसूरियादीन पासी के योगदान पर चर्चा इसी संदेश का हिस्सा रही।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयागराज दौरे में बाबू मसूरियादीन पासी की प्रतिमा का अनावरण प्रमुख कार्यक्रम रहा। मुख्यमंत्री ने उनके स्वतंत्रता संघर्ष और सामाजिक योगदान को याद करते हुए चौराहे तथा किसी संस्था का नाम उनके नाम पर रखने की घोषणा की।









