वाराणसी, बुधवार, 14 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में शिक्षक-स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए आयोजित भाजपा के महासम्मेलन में समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा को शिक्षकों और युवाओं के हितों से ज्यादा माफिया के समर्थन की चिंता रहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए विधान परिषद में ऐसे प्रतिनिधि चुने जाने चाहिए जो उनकी समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठा सकें।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक भर्ती, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाओं और युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाई है और युवाओं को सरकारी नौकरी तथा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। इस दौरान उन्होंने शिक्षक और स्नातक मतदाताओं से भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में मतदान की अपील भी की।
शिक्षकों के हितों को लेकर CM योगी ने सपा को घेरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर शिक्षा और शिक्षकों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दल शिक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता नहीं देता, उससे शिक्षकों के हितों की अपेक्षा करना उचित नहीं है।
योगी ने सपा सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय भर्ती आयोगों और बोर्डों में राजनीतिक हस्तक्षेप था तथा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ। उन्होंने भाजपा सरकार की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करने के प्रयास किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने शिक्षक और स्नातक वर्ग को समाज का जागरूक प्रहरी बताते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को दिशा देते हैं और उनके माध्यम से समाज तथा राष्ट्र का भविष्य तैयार होता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिक्षकों की कोई समस्या शेष रहती है तो सरकार उसके समाधान का प्रयास करेगी।
राज्यसभा चुनाव और PDA पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राज्यसभा की दस सीटों में से आठ और सपा ने दो सीटें जीती थीं। उन्होंने सपा के प्रत्याशियों के चयन को लेकर परिवारवाद का आरोप लगाया।
योगी ने रामगोपाल यादव और दूसरे प्रत्याशी के चयन का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि सपा ने पूर्वांचल के किसी अन्य यादव, दलित या मुस्लिम नेता को अवसर क्यों नहीं दिया। उन्होंने पीडीए को ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के नारे और उसके राजनीतिक फैसलों में अंतर है।
मुख्यमंत्री ने सपा पर परिवार-केंद्रित राजनीति करने का आरोप लगाते हुए मतदाताओं से राजनीतिक दलों के दावों और उनके फैसलों का आकलन करने की अपील की। ये टिप्पणियां मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप हैं; सपा का पक्ष उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है।
भर्ती प्रक्रिया और सरकारी नौकरियों पर क्या बोले योगी?
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2017 में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में करीब 1.60 लाख शिक्षक पद खाली थे। उनके अनुसार, भाजपा सरकार ने इन पदों पर नियुक्तियां कीं और सेवानिवृत्ति के कारण खाली होने वाले पदों पर भी भर्ती की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अगले छह महीने में एक लाख और नियुक्तियां देने का लक्ष्य भी बताया।
उन्होंने बुधवार को जारी उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती के परिणाम का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। भर्ती से संबंधित पदों और चयनित अभ्यर्थियों के आंकड़ों की पुष्टि संबंधित विभागों की आधिकारिक सूचनाओं से की जानी चाहिए।
शिक्षकों के लिए स्वास्थ्य सुविधा और बीमा का जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों के कल्याण से जुड़ी सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बेसिक शिक्षा से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों को पांच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षक भी इस व्यवस्था में शामिल हैं।
इसके अलावा, उन्होंने वित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 40 लाख रुपये से लेकर डेढ़ करोड़ रुपये तक के बीमा कवर का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधान परिषद में शिक्षक प्रतिनिधि की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि उसे शिक्षकों की समस्याओं और आवश्यकताओं को सरकार के सामने प्रभावी तरीके से रखना चाहिए।
उन्होंने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से जुड़े उच्चतम न्यायालय के निर्णय का उल्लेख करते हुए पुराने शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी व्यवस्था का भी जिक्र किया।
पेंशन खातों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था का दावा
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और कर्मचारियों की पेंशन का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2005 से 2017 के बीच नई पेंशन योजना के तहत राशि जमा करने और खाते खोलने में समस्याएं थीं।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद 14 लाख कार्मिकों के खाते खुलवाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नई पेंशन योजना में सरकार का अंशदान 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया।
पेंशन से संबंधित इन आंकड़ों और अवधि की पुष्टि आधिकारिक सरकारी अभिलेखों से करना जरूरी है, क्योंकि इनका सीधा संबंध कर्मचारियों के वित्तीय हितों से है।
नौकरी मांगने के बजाय रोजगार देने वाले बन रहे युवा
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप और स्वरोजगार के विस्तार का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में लगभग 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा अब केवल नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उद्यम शुरू करके दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निजी क्षेत्र में 65 लाख युवाओं को नौकरी मिलने और तीन करोड़ से अधिक लोगों के रोजगार तथा स्वरोजगार से जुड़ने का दावा किया।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के 62 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन दिए गए हैं। सरकार ने इस सुविधा को दो करोड़ युवाओं तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
यूपी की पहचान को लेकर कानून-व्यवस्था और पर्यटन का जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और धार्मिक पर्यटन का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान में बदलाव आया है। उन्होंने दावा किया कि पहले त्योहारों के दौरान दंगों और कर्फ्यू की घटनाएं चिंता का विषय रहती थीं, जबकि अब धार्मिक स्थलों और पर्यटन केंद्रों की पहचान प्रमुखता से सामने आ रही है।
उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में राम जन्मभूमि, प्रयागराज महाकुंभ और मथुरा-वृंदावन का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, धार्मिक पर्यटन में बढ़ती गतिविधियों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को भी अवसर मिलते हैं।
उन्होंने कानून-व्यवस्था को निवेश के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सुरक्षित माहौल आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के विस्तार में मदद करता है।
सुरेश खन्ना बोले- शिक्षक-स्नातक मतदाताओं का रुख महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भी संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षक और स्नातक मतदाताओं का रुख राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में हुए बदलावों का उल्लेख किया और भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन की अपील की।
सम्मेलन में मंत्री रवींद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, हंसराज विश्वकर्मा, भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष अशोक चौरसिया, प्रदेश उपाध्यक्ष शंकर गिरि, महापौर अशोक तिवारी, जिला अध्यक्ष राम सकल पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि और अरुण पाठक सहित शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
वाराणसी में आयोजित इस महासम्मेलन में मुख्यमंत्री का संबोधन मुख्य रूप से शिक्षक हितों, भर्ती प्रक्रिया, पेंशन, रोजगार और सपा की राजनीति पर केंद्रित रहा। चुनाव के दौरान इन मुद्दों पर राजनीतिक दलों के दावों के साथ-साथ आधिकारिक आंकड़ों और योजनाओं के वास्तविक क्रियान्वयन का आकलन भी महत्वपूर्ण होगा।









