लखनऊ, 30 अक्टूबर 2025। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास पर प्रदेश भर के गन्ना किसानों से संवाद करते हुए कहा कि “अन्नदाताओं का अपमान कर कोई भी देश तरक्की नहीं कर सकता।” उन्होंने कहा कि किसानों का सम्मान, उनकी मेहनत और उनकी आय में वृद्धि ही राज्य की असली समृद्धि का आधार है।
गन्ना मूल्य वृद्धि से किसानों में उत्साह
पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में ऐतिहासिक बढ़ोतरी के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री योगी का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि “2014 में मोदी सरकार बनने के बाद पहली बार खेती-किसानों के हित को राष्ट्रीय एजेंडे में शामिल किया गया। पहले मिट्टी की सेहत की सुध किसी को नहीं थी, लेकिन Soil Health Card योजना ने यह सोच बदल दी।”
उन्होंने आगे कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि ने किसानों को साहूकारों के कर्ज से मुक्त किया और अब सरकारी सहायता सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंच रही है।
अब बिचौलियों की नहीं, किसानों की व्यवस्था
योगी ने याद दिलाया कि 2017 में सरकार बनते ही 86 लाख किसानों की कर्जमाफी का वादा पूरा किया गया। “तब भी मेहनत किसान की थी, पर मुनाफा बिचौलियों का होता था। हमने इस व्यवस्था को खत्म किया। आज जो किसान फसल उगाता है, उसी को सीधे भुगतान मिलता है,” मुख्यमंत्री ने कहा।
पिछले साढ़े आठ वर्षों में सरकार ने 23 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचित किया है।
चीनी मिलों में फिर गूंजा जीवन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में चीनी मिलें बंद और बिक रही थीं, पर अब परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। “आज प्रदेश में 122 चीनी मिलें सक्रिय हैं, जिनमें से 105-106 मिलें एक सप्ताह में भुगतान करती हैं। आठ साल में चार नई मिलें बनीं, छह बंद मिलें फिर शुरू हुईं और 42 में क्षमता विस्तार हुआ,” उन्होंने बताया।
उन्होंने कहा कि अब राज्य Sugarcane Sector को ‘शुगर कॉम्प्लेक्स’ के रूप में विकसित कर रहा है, जिससे एथेनाल, सीबीजी और कोजन प्लांट के जरिए सालभर रोजगार और उत्पादन संभव हो सकेगा।
किसानों की मेहनत से यूपी नंबर वन
योगी ने कहा, “सम्मान तो सरकार का नहीं, बल्कि अन्नदाता किसान का होना चाहिए। उन्हीं की वजह से उत्तर प्रदेश आज देश का नंबर वन राज्य है — चाहे वह गन्ना, चीनी या एथेनाल उत्पादन हो।”
उन्होंने बताया कि 2007-2017 के बीच सिर्फ 1,47,346 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान हुआ था, जबकि 2017 से अब तक 2,90,225 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया गया। यानी पिछली सरकारों की तुलना में 1,42,879 करोड़ रुपये अधिक भुगतान किसानों को मिला है।
तकनीकी नवाचार से किसानों को राहत
सीएम ने ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली की भी सराहना की, जिससे पूरी गन्ना पर्ची व्यवस्था ऑनलाइन हो गई। “अब किसी सिफारिश की जरूरत नहीं है, पारदर्शी सिस्टम से 10 लाख परिवारों को सीधी आजीविका मिली है,” उन्होंने बताया।
“योगी जी का निर्णय दूरदर्शी और किसान हितैषी” – लक्ष्मी नारायण
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि “आज से आठ वर्ष पहले ‘गन्ना माफिया’ और ‘घटतौली’ जैसे शब्द आम थे। आज ये पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। मुख्यमंत्री स्वयं एक किसान की सोच रखते हैं और उन्होंने गन्ना मूल्य में 80 रुपये तक की अभूतपूर्व वृद्धि की है।”
उन्होंने कहा कि पहले किसान आंदोलन करते थे क्योंकि उनका भुगतान वर्षों तक लंबित रहता था। “अब एक सप्ताह में भुगतान हो रहा है, गुणवत्ता वाला बीज और सिंचाई सुविधा मिल रही है। यही वजह है कि गन्ना क्षेत्रफल 20 लाख हेक्टेयर से बढ़कर अब 29 लाख हेक्टेयर से अधिक हो गया है,” मंत्री ने कहा।
किसानों की उन्नति ही प्रदेश की प्रगति
मुख्यमंत्री योगी ने संवाद का समापन करते हुए कहा —
“अन्नदाता खुशहाल रहेगा तो प्रदेश भी मजबूत रहेगा। सरकार किसानों के साथ है, हर किसान को आधुनिक तकनीक, सिंचाई और बाजार की सुविधा मिलेगी।”








