लखनऊ, 17 फरवरी 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नागरिक पहले अपने जिले और मंडल स्तर पर अधिकारियों से संपर्क करें, और यदि वहां समाधान न हो तब ही लखनऊ आएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आम लोगों की शिकायतों का निस्तारण उसी स्तर पर हो जहां समस्या पैदा हुई है। इससे जनता को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक जवाबदेह बनेगी।
जनपद स्तर पर ही त्वरित समाधान के निर्देश
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शिकायतों का समाधान हर हाल में जनपद स्तर पर किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को राजधानी तक आने की जरूरत तभी पड़े जब स्थानीय स्तर पर सभी प्रयास विफल हो जाएं।
प्रशासनिक हलकों में इसे सरकार की “लोकल गवर्नेंस को मजबूत करने” की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि जिला प्रशासन अधिक सक्रिय भूमिका निभाए और जनता को तेज़ राहत मिल सके।
निवेश मामलों में देरी बर्दाश्त नहीं
कार्यक्रम में एक उद्यमी द्वारा निवेश से जुड़ी समस्या रखे जाने पर मुख्यमंत्री ने गंभीरता दिखाते हुए संबंधित विभागों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) और जिला प्रशासन को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश के लिए बेहतर इकोसिस्टम तैयार किया गया है और सिंगल विंडो सिस्टम जैसी पारदर्शी व्यवस्थाएं लागू हैं। ऐसे में उद्योग और निवेश से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री का यह रुख साफ संकेत देता है कि सरकार निवेश को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी सख्ती बरतना चाहती है।
स्कूलों में शारीरिक शिक्षा पर भी चर्चा
जनता दर्शन में एक नागरिक ने बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों को अनिवार्य करने की मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में खेल और शारीरिक गतिविधियों की अहम भूमिका होती है, और शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यह बयान शिक्षा और खेल के संतुलन की सोच को भी दर्शाता है।
अवैध कब्जों और पुलिस मामलों पर सख्त रुख
कार्यक्रम के दौरान अवैध कब्जों और पुलिस से जुड़े मामलों की शिकायतें भी सामने आईं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था और नागरिकों के अधिकारों पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
बच्चों से आत्मीय बातचीत बनी खास पल
जनता दर्शन का भावनात्मक पक्ष तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री ने अभिभावकों के साथ आए बच्चों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों से उनकी कक्षा के बारे में पूछा और उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के साथ-साथ खेलकूद में भी सक्रिय रहने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट देकर उनका उत्साह बढ़ाया और कहा — “खूब पढ़ो, खूब खेलो और हमेशा मुस्कुराते रहो।” यह पल कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहा।
जनता दर्शन का व्यापक संदेश
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जनता दर्शन जैसे कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम बन चुके हैं। इस बार मुख्यमंत्री का जोर स्थानीय स्तर पर समाधान और प्रशासनिक जवाबदेही पर रहा, जो आने वाले समय में शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।










