गोरखपुर (05 मार्च 2026)। होली के रंग और उत्सव के बाद गुरुवार की सुबह गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर परिसर में फिर वही पुराना दृश्य दिखाई दिया—लोगों की भीड़, उम्मीदों से भरे चेहरे और उनके बीच खड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। नियमित जनसुनवाई कार्यक्रम जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से आए करीब 150 लोगों की समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता की शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
होली के अवसर पर बुधवार को दिनभर लोगों के साथ उत्सव साझा करने के बाद भी मुख्यमंत्री की दिनचर्या में कोई ढील नहीं दिखी। गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में वे सीधे लोगों के बीच पहुंचे और एक-एक कर सभी की बातें सुनीं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जन समस्याओं का समाधान तत्परता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसे अक्षम्य माना जाएगा।
अवैध कब्जा करने वालों पर सख्त कार्रवाई का आदेश
जनता दर्शन के दौरान कई लोगों ने जमीन पर अवैध कब्जे और उत्पीड़न की शिकायतें भी मुख्यमंत्री के सामने रखीं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि कमजोर वर्गों की जमीन या संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नागरिक के साथ अन्याय न हो। अगर कोई व्यक्ति किसी की जमीन पर जबरन कब्जा करता है या कमजोरों को परेशान करता है, तो उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग पर दिया भरोसा
जनता दर्शन में कई ऐसे लोग भी पहुंचे थे जो गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने इन सभी को भरोसा दिलाया कि सरकार जरूरतमंदों की चिकित्सा सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित मरीजों के इलाज से जुड़ी इस्टीमेट (अनुमानित खर्च) की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कराकर शासन को भेजी जाए, ताकि आर्थिक सहायता में देरी न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी मरीज को इलाज के अभाव में परेशान नहीं होना पड़ेगा।
संवेदनशील प्रशासन पर जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी याद दिलाया कि सरकार की नीतियों का वास्तविक उद्देश्य जनता को न्याय और राहत देना है। इसलिए हर शिकायत को सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसका वास्तविक और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
गोरखपुर में आयोजित इस जनता दर्शन कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि प्रदेश सरकार आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री ने अंत में उपस्थित लोगों को आश्वस्त किया कि सरकार हर पीड़ित के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं का समाधान कराना ही प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।








