राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

जापान-सिंगापुर दौरे से लौटकर काशी पहुंचे सीएम योगी, षोडशोपचार विधि से किया बाबा विश्वनाथ का अभिषेक

On: March 1, 2026
Follow Us:
जापान-सिंगापुर दौरे से लौटकर काशी पहुंचे सीएम योगी
---Advertisement---

वाराणसी, 1 मार्च 2026 (रविवार)। जापान और सिंगापुर की आधिकारिक यात्रा से लौटने के तुरंत बाद सीएम योगी काशी दौरा के तहत मुख्यमंत्री Yogi Adityanath दो दिवसीय प्रवास पर वाराणसी पहुंचे। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर निवेश और सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के बाद उनका पहला पड़ाव रहा—आस्था की नगरी काशी।

गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में आध्यात्मिक पहचान रखने वाले मुख्यमंत्री ने सबसे पहले Kal Bhairav Temple में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। काशी के कोतवाल माने जाने वाले बाबा काल भैरव के दरबार में उन्होंने विधिवत आरती की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

बाबा विश्वनाथ धाम में विधि-विधान से अभिषेक

इसके बाद मुख्यमंत्री Kashi Vishwanath Temple पहुंचे। मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर उन्होंने लोक मंगल और जनकल्याण की भावना से बाबा विश्वनाथ का षोडशोपचार विधि से पूजन-अभिषेक किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई इस पूजा में परंपरागत विधान का पूर्ण पालन किया गया।

पूजन के उपरांत जब मुख्यमंत्री बाहर निकले तो परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। उन्होंने हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन किया। काशी की सुबह, गंगा की हवा और मंदिर की घंटियों के बीच यह दृश्य आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर था।

बच्चों से संवाद, ‘हैप्पी होली बाबा जी’

दौरे का एक मानवीय पहलू भी सामने आया। काल भैरव मंदिर से बाहर निकलते समय दुकानों पर बैठे बच्चों ने मुख्यमंत्री को देखकर मुस्कुराते हुए कहा—“हैप्पी होली बाबा जी!” मुख्यमंत्री भी ठिठक गए। वे बच्चों के पास पहुंचे, हालचाल पूछा और पढ़ाई के बारे में जानकारी ली।

बच्चों ने सहजता से जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया और चॉकलेट बांटी। इस छोटे से संवाद में त्योहार की मिठास घुली हुई थी। आसपास खड़े लोग इस दृश्य को देख मुस्कुरा रहे थे।

इसी दौरान एक लस्सी विक्रेता को मुख्यमंत्री ने हल्की मुस्कान के साथ नसीहत दी—“दही ढककर रखा करो।” यह टिप्पणी प्रशासनिक सख्ती से अलग, स्वच्छता के प्रति एक सहज संदेश थी।

अंतरराष्ट्रीय दौरे के बाद आध्यात्मिक ठहराव

जापान और सिंगापुर यात्रा के बाद काशी पहुंचना केवल कार्यक्रम का हिस्सा नहीं था, बल्कि मुख्यमंत्री की कार्यशैली का संकेत भी माना जा रहा है—वैश्विक निवेश और स्थानीय आस्था, दोनों के बीच संतुलन।

काशी, जो आध्यात्मिक राजधानी कही जाती है, वहां से प्रदेश की नीतियों और संकल्पों को ऊर्जा मिलती है—यह संदेश भी इस दौरे में स्पष्ट दिखा।

निष्कर्ष

सीएम योगी काशी दौरा में प्रशासनिक व्यस्तताओं से अलग एक आध्यात्मिक और मानवीय छवि सामने आई। षोडशोपचार पूजन से लेकर बच्चों संग संवाद तक, यह प्रवास केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि सांस्कृतिक संवेदना और जनसंपर्क का एक जीवंत चित्र भी था।

काशी में आस्था और प्रशासन—दोनों का यह संगम एक बार फिर सुर्खियों में है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

पश्चिमी विक्षोभ और नमी से बदला मौसम, पूर्वांचल में गरज-चमक के साथ बारिश

पश्चिमी विक्षोभ और नमी से बदला मौसम, पूर्वांचल में गरज-चमक के साथ बारिश; अब मानसून की विदाई के संकेत

योगी बोले- सैफई महोत्सव और बर्मिंघम की बग्गी में उलझीं सरकारों

योगी बोले- सैफई महोत्सव और बर्मिंघम की बग्गी में उलझीं सरकारों के पास कारीगरों के लिए नहीं थी फुर्सत

पीएम के जन्मदिन पर वाराणसी में बोले राजनाथ सिंह

‘मोदी की अभी हाफ इनिंग, दशकों करनी है देश की सेवा’, पीएम के जन्मदिन पर वाराणसी में बोले राजनाथ सिंह

गोरखपुर में बोले सीएम योगी- भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के शिल्पी

गोरखपुर में बोले सीएम योगी- भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के शिल्पी, तो पीएम मोदी नए भारत के शिल्पी

सीएम योगी ने दी पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई

सीएम योगी ने दी पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई, बोले- 145 करोड़ भारतीयों के जीवन में सुख-समृद्धि का नवप्रभात ला रहे

सीएम योगी ने सुनीं लोगों की समस्याएं, बोले- घबराइए नहीं, हर समस्या का समाधान कराएंगे

सीएम योगी ने सुनीं लोगों की समस्याएं, बोले- घबराइए नहीं, हर समस्या का समाधान कराएंगे