लखनऊ, 03 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। अयोध्या के राम मंदिर निर्माण और मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग आज चंदा चोरी की बात कर रहे हैं, उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए कभी सहयोग नहीं किया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका निभाने की भी अपील की।
राम मंदिर निर्माण को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े विषय पर टिप्पणी करने से पहले विपक्षी दलों को अपने पुराने रुख पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने पहले भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीति की, वही आज मंदिर से जुड़े मामलों पर सवाल उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के दौरान न्यायालय में इसे रोकने के प्रयास किए गए थे और अब वही लोग मंदिर के चढ़ावे को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि “जो लोग राम मंदिर निर्माण के लिए एक पैसा भी नहीं दे सके, वे आज चंदा चोरी की बात कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि देश और दुनिया ऐसे नेताओं के दोहरे रवैये को देख रही है।
विपक्ष से सकारात्मक राजनीति की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानमंडल का मानसून सत्र प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है और इसका उपयोग जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा के लिए होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष नकारात्मक राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश के विकास, सुशासन और जनकल्याण के एजेंडे में रचनात्मक सहयोग देगा।
उन्होंने कहा कि विधायिका लोकतंत्र का वह मंच है, जहां गरीब, किसान, युवा और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा होती है और सरकार के सामने समाधान के रास्ते तैयार किए जाते हैं। प्रत्येक जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में रखकर उनका समाधान सुनिश्चित कराने की भूमिका निभा सकता है।
विधायिका को बताया विकास की नीतियों का केंद्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से छह करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी जनकल्याणकारी नीतियों की नींव विधायिका में होने वाली चर्चा और निर्णयों से ही पड़ती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन, किसानों के हित, निवेश, रोजगार और सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) जैसे विषयों पर प्रभावी नीति निर्माण के लिए विधानमंडल सबसे महत्वपूर्ण मंच है।
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए जल्द लागू होगा नया आयोग
मुख्यमंत्री ने इस दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ा बड़ा ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक से डेढ़ सप्ताह के भीतर आउटसोर्स कमीशन लागू करने की दिशा में कदम उठाएगी। इसके साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित करने की व्यवस्था भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहनों, मिड-डे मील रसोइयों और ग्राम चौकीदारों को बेहतर मानदेय उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने अनुपूरक बजट में भी प्रावधान किया है, ताकि उनकी सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।









