वाल्मीकि जयंती की पूर्व संध्या पर वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी ने किया 500 “स्वच्छता मित्रों” का सम्मान
वाराणसी (Mon, 06 Oct 2025) – भगवान वाल्मीकि जयंती की पूर्व संध्या पर वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 500 से अधिक सफाई कर्मियों को सम्मानित किया। शहर के कबीरचौरा क्षेत्र स्थित सरोजा पैलेस में आयोजित “Swachhta Mitra Samman” समारोह में मुख्यमंत्री ने स्वच्छता कर्मियों को अंगवस्त्र, सेफ्टी किट और मिष्ठान भेंट करते हुए उन्हें सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने स्वयं सफाई कर्मियों को भोजन परोसा — यह दृश्य भावनाओं से भरा था। कर्मियों के चेहरे पर आत्मसम्मान की चमक और मुख्यमंत्री की सादगी, दोनों ही पल को विशेष बना रहे थे। योगी ने इस अवसर पर कहा कि सफाई कर्मियों का जीवन देश की सेवा से कम नहीं, और अब राज्य सरकार उनकी आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा की नई गारंटी लेकर आई है।
सफाई कर्मियों को मिलेगा स्थायी वेतन और आयुष्मान सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब सफाई कर्मियों के बैंक खातों में हर महीने 16 से 20 हजार रुपये सीधे भेजे जाएंगे, जिससे किसी भी तरह का बिचौलियापन या शोषण खत्म होगा। इसके अलावा, सभी स्वच्छता कर्मियों को 5 लाख रुपये का निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराने के लिए आयुष्मान कार्ड दिए जाएंगे।
योगी ने कहा,
“स्वच्छता केवल अभियान नहीं, यह स्वास्थ्य और सम्मान दोनों की रक्षा है। जब शहर स्वच्छ होगा, तो समाज भी स्वस्थ रहेगा।”
वाल्मीकि जयंती और सेवा की भावना का संगम
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 7 अक्टूबर को भगवान वाल्मीकि जयंती और शरद पूर्णिमा का शुभ संयोग है। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि ने मानवता और श्रम के सम्मान का जो संदेश दिया, वही आज सफाई कर्मियों की सेवा में झलकता है।
सीएम योगी ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पं. दीनदयाल उपाध्याय, महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जैसी महान विभूतियों ने स्वच्छता को जीवन का हिस्सा माना। उन्होंने बताया कि “प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 12 करोड़ घरों में शौचालय बने हैं, जिससे 60 करोड़ लोगों को सम्मानजनक जीवन मिला है।”
डॉ. नीलकंठ तिवारी का 75 दिवसीय वार्ड प्रवास कार्यक्रम रहा प्रेरक
यह समारोह पूर्व मंत्री और विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी के 75 दिवसीय वार्ड प्रवास कार्यक्रम के समापन अवसर पर आयोजित किया गया।
इस पहल के तहत उन्होंने 20 जुलाई से 2 अक्टूबर तक अपने क्षेत्र में 33,000 नागरिकों से संवाद किया, 7000 परिवारों की समस्याएं सुनीं, और 500 पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह जनसेवा का वास्तविक उदाहरण है, जिससे हर जनप्रतिनिधि को सीख लेनी चाहिए।
कार्यक्रम में प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी
समारोह में मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा करने वालों में राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल, डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मोर्या, एमएलसी अश्विनी त्यागी, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, और महापौर अशोक तिवारी शामिल रहे।
सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि “स्वच्छता मित्र” केवल कर्मी नहीं, बल्कि शहर की आत्मा हैं, जो हर दिन समाज के स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं।
वाराणसी मॉडल बना प्रेरणा का प्रतीक
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी का “Swachhta Mitra Samman” मॉडल पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। उन्होंने सफाई कर्मियों से संवाद करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और निष्ठा के बिना प्रधानमंत्री मोदी के “स्वच्छ भारत मिशन” का सपना अधूरा रहता।
योगी ने हर जनप्रतिनिधि से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्र में सफाई कर्मियों से निरंतर संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करें।








