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CM योगी का सिंगापुर कूटनीतिक संवाद: एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था लक्ष्य के लिए निवेश का आमंत्रण

On: February 24, 2026
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CM योगी का सिंगापुर कूटनीतिक संवाद
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लखनऊ, 24 फरवरी 2026 (मंगलवार)। उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सिंगापुर दौरा अब ठोस कूटनीतिक और आर्थिक संवाद में बदलता दिख रहा है। दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के उप-प्रधानमंत्री एवं व्यापार और उद्योग मंत्री Gan Kim Yong और राष्ट्रीय सुरक्षा के समन्वय मंत्री व गृह मंत्री K. Shanmugam से उच्चस्तरीय बैठक की।

बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहे। चर्चा का मूल बिंदु स्पष्ट था— सिंगापुर की प्रशासनिक दक्षता, शहरी नियोजन मॉडल और तकनीक-आधारित शासन प्रणाली के अनुभवों को उत्तर प्रदेश में लागू कर राज्य को वैश्विक निवेश का पसंदीदा केंद्र बनाना।

एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था लक्ष्य पर केंद्रित वार्ता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बातचीत के दौरान उत्तर प्रदेश की आर्थिक संभावनाओं और तेज़ी से बदलते औद्योगिक परिदृश्य का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि एक स्थायी और संतुलित विकास मॉडल तैयार करना है, जो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य तक पहुंचा सके।

गान किम योंग के साथ चर्चा में औद्योगिक निवेश, विशेष आर्थिक क्षेत्र और उच्च-प्रौद्योगिकी (हाई-टेक) सेक्टर पर विशेष जोर रहा। मुख्यमंत्री ने राज्य के विशाल लैंड बैंक, बेहतर होती एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और गौतमबुद्ध नगर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से मिलने वाले अंतरराष्ट्रीय संपर्क का उल्लेख किया।

बैठक में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सिंगापुर की कंपनियों द्वारा औद्योगिक टाउनशिप स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। सेमीकंडक्टर निर्माण, ग्रीन हाइड्रोजन मॉड्यूल और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को भविष्य के रणनीतिक सेक्टर के रूप में रेखांकित किया गया।

सुरक्षा, शहरी प्रबंधन और डिजिटल गवर्नेंस पर सहयोग

दूसरी महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने के. शनमुगम के साथ उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के आधुनिकीकरण और स्मार्ट पुलिसिंग मॉडल पर चर्चा की। सिंगापुर की तकनीक-एकीकृत पुलिसिंग प्रणाली और आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल को उदाहरण के तौर पर सामने रखा गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस, सीसीटीवी नेटवर्क विस्तार और आपात प्रतिक्रिया तंत्र को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बेहतर कानून-व्यवस्था किसी भी बड़े निवेश के लिए आधारशिला होती है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि निवेशक केवल नीतियों को नहीं देखते, वे प्रशासनिक स्थिरता और सुरक्षा ढांचे का भी मूल्यांकन करते हैं। इस दृष्टि से यह संवाद रणनीतिक महत्व रखता है।

निवेशकों को खुला आमंत्रण

इन बैठकों के दौरान उपस्थित सिंगापुर के कारोबारी समुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्र वित्तीय कोषों (Sovereign Funds) और निजी निवेशकों को उत्तर प्रदेश के लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

उन्होंने कहा कि राज्य में नियामक प्रक्रियाओं का सरलीकरण और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली लागू होने के बाद परियोजनाओं की स्वीकृति और क्रियान्वयन की समय-सीमा में उल्लेखनीय कमी आई है।

“उत्तर प्रदेश आज नीति, नियत और निष्पादन—तीनों स्तरों पर तैयार है,” मुख्यमंत्री ने कहा।

कूटनीति से विकास की दिशा

सिंगापुर के साथ यह संवाद केवल औपचारिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि विकास की ठोस रणनीति का हिस्सा है। सिंगापुर को एशिया में प्रशासनिक दक्षता, शहरी नियोजन और निवेश प्रबंधन के मॉडल के रूप में देखा जाता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश का यह प्रयास वैश्विक साझेदारी की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत देता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि प्रस्तावित निवेश और तकनीकी सहयोग जमीन पर उतरता है, तो उत्तर प्रदेश का एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य केवल एक नारा नहीं, बल्कि व्यवहारिक रोडमैप में बदल सकता है।

फिलहाल इतना तय है कि सिंगापुर में हुई ये मुलाकातें उत्तर प्रदेश की आर्थिक महत्वाकांक्षा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से प्रस्तुत करने में सफल रही हैं। आने वाले महीनों में इन चर्चाओं के परिणाम किस रूप में सामने आते हैं, इस पर निवेशकों और नीति-निर्माताओं की नजरें टिकी रहेंगी।

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