वाराणसी, 7 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी में उत्तर प्रदेश की पिछली और मौजूदा स्थिति की तुलना करते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में माफिया और अराजकता का बोलबाला था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि “माफिया अब मिट्टी में मिल गए हैं।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुजरात के वडनगर से वाराणसी पहुंची सेवा संकल्प बाइक यात्रा के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित अभियान का हिस्सा थी। यात्रा के समापन कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन समेत कई नेता मौजूद रहे।
सीएम योगी बोले- पहले माफिया जहां खड़ा होता था, जमीन उसकी हो जाती थी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की पिछली कानून-व्यवस्था पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि करीब एक दशक पहले प्रदेश में ऐसी स्थिति थी कि जिस जमीन पर माफिया की नजर पड़ जाती थी, उस पर उसका कब्जा हो जाता था।
योगी ने दावा किया कि उस समय महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी भय का माहौल था और व्यापारी डर के साये में कारोबार करते थे। त्योहारों के दौरान भी तनाव और उपद्रव की आशंका बनी रहती थी।
उन्होंने कहा कि उस दौर में उत्तर प्रदेश में “अराजकता के तांडव की डरावनी तस्वीर” दिखाई देती थी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार ने सख्ती बरती है।
योगी ने अपनी सरकार की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि “माफिया अब मिट्टी में मिल गए हैं।” यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक बयान है, जिसमें उन्होंने प्रदेश की वर्तमान कानून-व्यवस्था की तुलना पिछली सरकारों के दौर से की।
काशी से अयोध्या तक बदली तस्वीर का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास को भी राज्य की बदलती पहचान से जोड़ा। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में राम मंदिर, मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर और प्रयागराज के कुंभ का उल्लेख किया।
योगी ने कहा कि मथुरा-वृंदावन की गतिविधियां और धार्मिक पर्यटन से जुड़े विकास कार्य अब उत्तर प्रदेश की नई पहचान का हिस्सा बन रहे हैं।
उन्होंने इसे “नए भारत के नए यूपी” की तस्वीर बताते हुए कहा कि प्रदेश में विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने का प्रयास किया जा रहा है।
7 अक्टूबर 2001 को गुजरात में शुरू हुई मोदी की मुख्यमंत्री यात्रा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।
योगी ने उस समय गुजरात में आए भूकंप को याद करते हुए कहा कि भुज में आई विनाशकारी आपदा ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उनके मुताबिक, कई महीनों तक भूकंप के झटके महसूस किए गए और गुजरात के पुनर्निर्माण के सामने बड़ी चुनौती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात ने इस संकट से उबरते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया और बाद में उसे एक मॉडल स्टेट के रूप में प्रस्तुत किया गया।
पीएम मोदी के 25 साल पूरे होने पर दी बधाई
योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश की जनता की ओर से बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इस यात्रा को सेवा और संकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की विकसित और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना तभी पूरी होगी, जब देश का हर जनपद, कस्बा और गांव भी आत्मनिर्भर और विकसित बनने की दिशा में आगे बढ़े।
उन्होंने कहा कि विकास का लक्ष्य केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसकी पहुंच गांवों और छोटे कस्बों तक भी होनी चाहिए।
वडनगर से काशी की यात्रा में दिखा ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का संदेश
मुख्यमंत्री ने वडनगर से काशी तक निकली बाइक यात्रा को प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के सेवा संकल्पों के अभिनंदन से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को भी दर्शाती है।
यात्रा में शामिल बाइकर्स गुजरात से विभिन्न राज्यों से होते हुए वाराणसी पहुंचे। यात्रा के दौरान सेवा गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इससे पहले अभियान के तहत युवाओं ने स्वच्छता अभियान, पौधरोपण और अन्य सामाजिक गतिविधियों में भाग लिया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, यात्रा 17 सितंबर को वडनगर से शुरू हुई थी और 7 अक्टूबर को वाराणसी में इसका समापन निर्धारित था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं ने अलग-अलग मौसम और परिस्थितियों का सामना करते हुए यह यात्रा पूरी की। उनके मुताबिक, यह केवल बाइक यात्रा नहीं बल्कि सेवा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम भी रही।
2047 तक विकसित भारत के लिए युवाओं की ऊर्जा का आह्वान
योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा कि देश की युवा शक्ति इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में चल रहे सेवा संकल्प अभियान का उल्लेख किया। अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे सेवा और राष्ट्र निर्माण के संदेश को आगे बढ़ाएं और आगामी कार्यक्रमों के लिए खुद को तैयार करें।
कार्यक्रम में कई बड़े नेता रहे मौजूद
सेवा संकल्प यात्रा के समापन समारोह में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, वडोदरा के सांसद और भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमांग जोशी, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई नेता मौजूद रहे।
प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, हंसराज विश्वकर्मा, वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी और कई विधायक तथा पार्टी पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
वडनगर से काशी पहुंची सेवा संकल्प यात्रा के समापन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चल रहे इस अभियान का एक प्रमुख चरण पूरा हुआ। यात्रा के दौरान सेवा, विकास और विकसित भारत के संदेश को प्रमुखता दी गई।









