लखनऊ, बुधवार, 14 अक्टूबर 2026। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां कूष्मांडा की आराधना करते हुए उत्तर प्रदेश की महिलाओं की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नारी अब केवल विकास योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को गति देने वाली और नए भारत की भाग्य विधाता बन रही है।
मुख्यमंत्री योगी ने नवरात्रि की चतुर्थी पर मां कूष्मांडा के चरणों में श्रद्धा निवेदित की। उन्होंने मां को सृजन, ऊर्जा और समृद्धि का सनातन प्रतीक बताते हुए कहा कि जहां महिलाओं को शक्ति और अवसर मिलता है, वहां अभाव परिश्रम में, परिश्रम आत्मनिर्भरता में और आत्मनिर्भरता समृद्धि में बदल जाती है।
CM योगी ने भारतीय संस्कृति और महिला सशक्तीकरण का बताया संबंध
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में कहा कि उत्तर प्रदेश की महिलाएं अब विकास की प्रक्रिया में सक्रिय नेतृत्वकर्ता के रूप में आगे बढ़ रही हैं। उनके मुताबिक, महिलाएं परिवार की खुशहाली तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और प्रदेश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में भी अहम योगदान दे रही हैं।
सीएम योगी ने कहा कि जब गांव की नारी समृद्ध होगी, तभी उत्तर प्रदेश सही मायने में समृद्ध और सशक्त बनेगा। नवरात्रि के दौरान मां कूष्मांडा की आराधना के संदर्भ में उनका संदेश महिला शक्ति, आत्मनिर्भरता और सामाजिक प्रगति पर केंद्रित रहा।
ड्रोन दीदी से लखपति दीदी तक, बदल रही ग्रामीण महिलाओं की भूमिका
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने वाली पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ड्रोन दीदी खेती में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही हैं। कृषि क्षेत्र में ड्रोन के उपयोग से महिलाओं के लिए नई तकनीकी भूमिकाओं और रोजगार के अवसरों का रास्ता खुल रहा है।
वहीं, स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आजीविका, उद्यमिता और कृषि आधारित रोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवार की आय के साथ-साथ स्थानीय बाजार और गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है। ऐसे प्रयासों में महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
बीसी सखी और लखपति दीदी बन रहीं आत्मनिर्भरता की पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई राह से जोड़ रही है।
उन्होंने बीसी सखी और लखपति दीदी जैसी पहलों का उल्लेख किया। बीसी सखी ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में भूमिका निभाती हैं। इनके माध्यम से गांवों में बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच आसान बनाने में मदद मिलती है।
दूसरी ओर, लखपति दीदी पहल का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाना है। स्वरोजगार, छोटे उद्यमों और आजीविका गतिविधियों के जरिए महिलाएं अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
2017 से पहले और अब की स्थिति पर सीएम योगी का बयान
मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय महिलाओं के लिए अवसरों और संसाधनों की कमी थी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सेवाओं, स्वरोजगार, कृषि तकनीक और सामूहिक उद्यमों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक प्रभाव उनके क्रियान्वयन, प्रशिक्षण, वित्तीय संसाधनों और बाजार तक पहुंच जैसे पहलुओं पर निर्भर करता है।
मां कूष्मांडा की आराधना के साथ महिला शक्ति का संदेश
शारदीय नवरात्रि में मां कूष्मांडा की पूजा सृजन और ऊर्जा से जुड़ी मान्यताओं के कारण विशेष महत्व रखती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी धार्मिक और सांस्कृतिक संदर्भ के माध्यम से महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया।
उनका कहना है कि महिलाओं को अवसर और संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है। ग्रामीण महिलाओं की बढ़ती भागीदारी न केवल उनके परिवारों के लिए उपयोगी है, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है।









