नई दिल्ली (Sun, 08 Feb 2026)- नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जनता के भरोसे ने सरकार को “साल के 365 दिन” काम करने की ऊर्जा दी है। पीतमपुरा में कई परियोजनाओं के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने दिल्ली ई-बस अभियान को राजधानी के प्रदूषण नियंत्रण और बेहतर सार्वजनिक परिवहन से जोड़ा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने भरोसा जताया कि दिल्ली जल्द ही देश का वह शहर बनेगा, जहां सबसे अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित होंगी।
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के लिए जनता के समर्थन का आभार जताते हुए कहा कि यह भरोसा ही नीतियों को जमीन पर उतारने की गति देता है।
500 ईवी बसों के लॉन्च से पहले बड़ा दावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई दिल्ली में 500 ईवी बसों के लॉन्च से पहले तैयारियां तेज हैं। इस पहल को उन्होंने स्वच्छ हवा, कम शोर और आधुनिक, सुगम परिवहन से जोड़ा। उनके अनुसार, दिल्ली ई-बस पहल केवल वाहनों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य नहीं, बल्कि पूरे इकोसिस्टम—चार्जिंग, डिपो, मेंटेनेंस और रूट प्लानिंग—को आधुनिक बनाने की योजना है।
इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बुनियादी ढांचे और हरित परिवहन पर दिए गए जोर का उल्लेख किया और कहा कि दिल्ली उसी दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
तीन साल में 100% इलेक्ट्रिक बस फ्लीट का लक्ष्य
पिछले महीने की गई घोषणा का हवाला देते हुए सीएम ने दोहराया कि अगले तीन वर्षों में दिल्ली की 100% सार्वजनिक परिवहन बसों को इलेक्ट्रिक फ्लीट में बदला जाएगा। इसके लिए 11,000 इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने, नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने और आधुनिक बस डिपो विकसित करने का काम जारी है।
यह लक्ष्य दिल्ली ई-बस नीति को केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि संरचनात्मक बदलाव के रूप में प्रस्तुत करता है—जहां परिवहन, पर्यावरण और शहरी सुविधा एक साथ जुड़ते हैं।
प्रदूषण नियंत्रण और यात्री सुविधा पर फोकस
सरकार का दावा है कि इलेक्ट्रिक बसें वायु प्रदूषण में कमी लाने के साथ-साथ यात्रियों को शांत, आरामदायक और सुलभ सफर देंगी। लो-फ्लोर डिजाइन, डिजिटल ट्रैकिंग और बेहतर फ्रीक्वेंसी जैसे तत्व सार्वजनिक परिवहन के अनुभव को बेहतर बनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “विश्वास की राजनीति” का मतलब है, रोज़मर्रा की जिंदगी में दिखने वाले बदलाव। दिल्ली ई-बस उसी बदलाव की एक ठोस मिसाल बनने जा रही है।
दिन के अंत में संदेश स्पष्ट था—राजधानी में हरित परिवहन को लेकर सरकार की रफ्तार तेज है, और आने वाले समय में सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसों की बढ़ती मौजूदगी इस दावे को दृश्य रूप देगी।













