लखनऊ, शनिवार (31 जनवरी 2026)। उत्तर प्रदेश में निवेश और उद्योग को गति देने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Ease of Doing Business को और प्रभावी बनाने पर बल दिया। बजट 2026-27 की तैयारियों के बीच उन्होंने उद्योग संगठनों और उद्यमियों से व्यावहारिक सुझाव मांगे। बैठक में अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों की मौजूदगी रही, जिससे संकेत मिला कि सुझावों को नीति-स्तर पर गंभीरता से परखा जाएगा।
बैठक में Confederation of Indian Industry (CII), Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry (FICCI), Associated Chambers of Commerce and Industry of India (ASSOCHAM), NASSCOM और CREDAI सहित कई प्रतिनिधि शामिल हुए। उद्योग जगत ने जमीन, कानून, अनुपालन और कौशल—इन चार धुरों पर ठोस सुझाव रखे।
डिफेंस कॉरिडोर, भूमि और निवेश भरोसा
CII के वाइस चेयरमैन अभिषेक सराफ ने लखनऊ नोड में औद्योगिक गतिविधियां तेज करने के लिए भूमि आवंटन में शीघ्रता की आवश्यकता बताई। FICCI के चेयरमैन मनोज गुप्ता ने औद्योगिक भूमि को फ्रीहोल्ड करने का प्रस्ताव रखा, तर्क दिया कि इससे निवेशकों का दीर्घकालिक भरोसा बढ़ेगा और पूंजी फंसेगी नहीं, बहेगी।
कानूनों का डी-क्रिमिनलाइजेशन और ‘वन कंपनी–वन रजिस्टर’
इंडिया पेस्टीसाइड लिमिटेड के प्रतिनिधि ने विभिन्न कानूनों के डी-क्रिमिनलाइजेशन को उद्योगों के लिए बड़ा सुधार बताया। ASSOCHAM के को-चेयरमैन हसन याकूब ने “वन कंपनी–वन रजिस्टर–वन लेटर” व्यवस्था का सुझाव दिया, ताकि अनुपालन सरल, पारदर्शी और समय-बचत हो। उन्होंने ‘एक जनपद–एक उत्पाद’ मॉडल की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता का भी जिक्र किया।
कौशल, आईटीआई और इक्विटी मार्केट
प्रतिनिधियों ने औद्योगिक कौशल को भविष्य की रीढ़ बताते हुए आईटीआई संस्थानों में रिसर्च और इनोवेशन बढ़ाने पर जोर दिया। इक्विटी मार्केट के विस्तार को भी उद्योग-वृद्धि के लिए उपयोगी बताया गया—ताकि MSME और स्टार्ट-अप्स को पूंजी तक आसान पहुंच मिले।
एमएसएमई निर्यात, ओटीएस और प्लग-एंड-प्ले
प्रदूषण नियंत्रण मामलों में OTS योजना की मांग रखी गई। सुझाव आया कि विभिन्न एक्सपोर्ट काउंसिल्स के साथ प्रदेश की MSME इकाइयों का नियमित संवाद हो, जिससे निर्यात बढ़े। NASSCOM लखनऊ चैप्टर के चेयरमैन रमीश जैदी ने छोटी आईटी कंपनियों के लिए प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं पर जोर दिया—ताकि स्टार्ट-अप्स बिना भारी शुरुआती लागत के शुरू हो सकें। CREDAI यूपी के प्रेसीडेंट शोभित मोहन दास ने रियल एस्टेट मुद्दों पर “आवास बंधु” जैसी नियमित बैठक का प्रस्ताव रखा।
समावेशी औद्योगिक विकास पर जोर
Dalit Indian Chamber of Commerce and Industry (DICCI) के स्टेट प्रेसिडेंट मनीष वर्मा से संवाद में मुख्यमंत्री ने हर जनपद में अनुसूचित जाति/जनजाति के कम से कम 10 युवा उद्यमी तैयार करने का आह्वान किया, ताकि औद्योगिक विकास समावेशी बने।
मुख्यमंत्री ने कहा कि Ease of Doing Business केवल रैंकिंग का विषय नहीं, बल्कि निवेशक के रोजमर्रा अनुभव को सरल बनाने की प्रक्रिया है। बजट 2026-27 में उद्योग जगत के सुझावों को समाहित कर, नीतिगत सुधारों की दिशा में आगे बढ़ने के संकेत इस बैठक से स्पष्ट हुए।










