लखनऊ/शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के हजरतगंज स्थित श्री गांधी आश्रम खादी ग्रामोद्योग बोर्ड भवन भंडार पहुंचकर खादी के वस्त्र खरीदे। मुख्यमंत्री ने लोगों से खादी को जीवन का हिस्सा बनाने और स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों तथा बुनकरों के उत्पादों को प्रोत्साहित करने की अपील की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने खादी का गमछा भी खरीदा। उन्होंने कहा कि बचपन में गांधी आश्रम के कपड़ों को वह बड़ी उत्सुकता से देखा करते थे और आज उन्हें अपनाने का अवसर मिल रहा है।
गांधी जयंती पर खादी को बढ़ावा, 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूट
गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के लिए खादी पर छूट की घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी की छूट उपलब्ध कराई गई है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से खादी खरीदने की अपील करते हुए कहा कि इससे स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों के हुनर को सम्मान मिलेगा। उनके मुताबिक खादी सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि स्वदेशी, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की भावना से जुड़ा माध्यम है।
गांधी आश्रम का चरखा स्वावलंबन का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी आश्रम का चरखा केवल चरखा नहीं है, बल्कि यह भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का आधार है। महात्मा गांधी ने ग्राम स्वराज की जो परिकल्पना की थी, उसमें गांवों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर था।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक ग्राम विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे, लेकिन वास्तविकता यह रही कि गांवों को अपेक्षित महत्व नहीं मिला। अब सरकार गांवों को स्वावलंबन का आधार बनाने की दिशा में काम कर रही है।
गांवों में रोजगार के अवसरों का किया जिक्र
सीएम योगी ने कहा कि बापू के सपने को साकार करने के लिए गांवों को भी स्वावलंबन का आधार बनाया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के हर गांव में ग्राम सचिवालय का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार ग्राम सचिवालयों के माध्यम से गांव में ही चार से सात लोगों को रोजगार की सुविधा मिल रही है। उनका कहना था कि गांवों में स्थानीय स्तर पर रोजगार और प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ बना था आजादी का मंत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महात्मा गांधी का ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ का विचार भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण आधार बना। उनके नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन व्यापक जनांदोलन में बदल गया।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन का नेतृत्व करते हुए इसे आम लोगों तक पहुंचाया। यह आंदोलन केवल कुछ शहरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गांव-गांव तक पहुंचा और समाज के अलग-अलग वर्गों ने इसमें भागीदारी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस दौर में समाज में निराशा और हताशा का वातावरण था, गांधी जी के नेतृत्व ने लोगों में उत्साह पैदा किया और उन्हें आंदोलन से जोड़ने का काम किया।
‘लोकल टू ग्लोबल’ से जोड़ा खादी और ग्रामोद्योग
सीएम योगी ने कहा कि गांधी जी का आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल टू ग्लोबल’ के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि गांवों, कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों के उत्पादों को प्रोत्साहित करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बाजार और बेहतर मंच उपलब्ध कराना स्वतंत्रता आंदोलन के महानायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी एक माध्यम है।
स्वदेशी, स्वच्छता और स्वावलंबन को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने नागरिकों से स्वदेशी, स्वच्छता और स्वावलंबन को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाया गया स्वच्छ भारत अभियान भी गांधी जी के स्वच्छता संबंधी विचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास है। मुख्यमंत्री के मुताबिक स्वच्छ भारत अभियान ने स्वच्छता के साथ स्वस्थ भारत की दिशा में आधार तैयार किया और नारी गरिमा से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज जब अपने पूर्वजों और स्वतंत्रता के महानायकों के प्रति सम्मान तथा कृतज्ञता का भाव रखता है, तो वह आने वाली पीढ़ी को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। इसी भावना के साथ नया भारत अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है।









