नई दिल्ली | सोमवार, 26 जनवरी 2026: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ एक बार फिर सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय आत्मविश्वास का साक्षी बना। भव्य परेड की समाप्ति के बाद एक दृश्य ऐसा भी रहा जिसने औपचारिकता से आगे बढ़कर मानवीय जुड़ाव की झलक दिखाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परंपरा निभाते हुए दर्शक दीर्घा में मौजूद हजारों आगंतुकों का हाथ हिलाकर और हाथ जोड़कर अभिवादन किया।
परेड खत्म होते ही पीएम मोदी ने अपने काफिले को पीछे छोड़ा और पैदल ही आगे बढ़ते हुए लोगों से सीधे संवाद किया। इस दौरान कर्तव्य पथ पर “मोदी-मोदी” के नारों से माहौल गूंज उठा। लोगों का उत्साह देखते ही बनता था—कई परिवार, बच्चे और बुजुर्ग प्रधानमंत्री को नजदीक से देखकर भावुक नजर आए।
गणतंत्र दिवस परेड 2026 में दिखी सैन्य आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक विरासत
गणतंत्र दिवस परेड 2026 की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गनों से दी गई 21 तोपों की सलामी के साथ हुई। यह क्षण भारत की सैन्य आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक बना।
इस वर्ष की परेड में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल किए गए आधुनिक स्वदेशी हथियारों का भी प्रदर्शन किया गया। इन हथियारों ने न केवल भारत की तकनीकी क्षमता को रेखांकित किया, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सोच को वैश्विक मंच पर मजबूती से प्रस्तुत किया।
इसके साथ-साथ विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झांकियों ने भारत की विविधता और परंपराओं की जीवंत तस्वीर पेश की।
पैदल चलकर पीएम मोदी ने निभाई वर्षों पुरानी परंपरा
प्रधानमंत्री मोदी अपने पहले कार्यकाल से ही गणतंत्र दिवस परेड के बाद आम लोगों के बीच जाकर अभिवादन करने की परंपरा निभाते आए हैं। इस बार भी उन्होंने उसी सहजता के साथ पैदल चलते हुए दूर-दूर तक मौजूद दर्शकों का अभिवादन किया।
यह दृश्य सत्ता और जनता के बीच की दूरी को पाटता नजर आया—जहाँ सुरक्षा घेरा पीछे रह गया और सामने केवल जनसंवाद था।
पीएम मोदी की राजस्थानी पगड़ी ने खींचा सबका ध्यान
परेड से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय समर स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखकर देश के वीर सपूतों को नमन किया।
गणतंत्र दिवस 2026 पर प्रधानमंत्री मोदी ने पारंपरिक परिधान के साथ राजस्थानी शैली की पगड़ी पहनी, जिसमें गहरे लाल, सरसों के पीले और हरे रंग की छटाएं नजर आईं। हर वर्ष की तरह इस बार भी उनका पहनावा चर्चा का विषय रहा। दर्शक दीर्घा में मौजूद कई लोगों की नजरें परेड के साथ-साथ प्रधानमंत्री के परिधान पर भी टिकी रहीं।













