गोरखपुर/19 अक्टूबर 2026: शारदीय नवरात्र की महानवमी पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में कन्या पूजन कर मां दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। इस अवसर पर उन्होंने कन्याओं के पैर धोए और उन्हें उपहार भेंट किए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को महानवमी की शुभकामनाएं देते हुए नारी शक्ति के सम्मान, सामर्थ्य और समाज के विकास में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
नवरात्र के अंतिम दिन कन्या पूजन की परंपरा का विशेष महत्व है। इस अवसर पर कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस परंपरा के माध्यम से नारी सम्मान और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का संदेश दिया।
महानवमी पर CM योगी का कन्या पूजन, नारी शक्ति पर दिया जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महानवमी के अवसर पर मां सिद्धिदात्री का स्मरण करते हुए प्रदेश की सुख-समृद्धि और प्रगति की कामना की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में कहा कि मां सिद्धिदात्री के आशीर्वाद से उत्तर प्रदेश की नारी शक्ति अपने सामर्थ्य, संकल्प और आत्मविश्वास के बल पर प्रदेश की प्रगति एवं समृद्धि में निर्णायक भूमिका निभा रही है।
मुख्यमंत्री के संदेश में महिलाओं की क्षमता और आत्मविश्वास को प्रदेश के विकास से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। उनका संदेश ऐसे समय में आया है, जब नवरात्र के दौरान देशभर में मां दुर्गा की आराधना के साथ महिला शक्ति के महत्व को भी रेखांकित किया जाता है।
‘जहां नारी का सम्मान, वहीं देवताओं का वास’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में भारतीय संस्कृति के प्रसिद्ध श्लोक ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ का उल्लेख किया। इसका अर्थ है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है।
इस संदेश के जरिए उन्होंने समाज में महिलाओं के सम्मान और उनके महत्व को रेखांकित किया। भारतीय परंपरा में नारी को शक्ति, सृजन और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। कन्या पूजन इसी सांस्कृतिक भावना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
‘संकल्प से सिद्धि’ तक नए उत्तर प्रदेश का संदेश
महानवमी के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए ‘संकल्प से सिद्धि’ और ‘नए भारत के नए उत्तर प्रदेश’ के विकास की भावना का भी उल्लेख किया।
उत्तर प्रदेश की प्रगति में महिलाओं की भागीदारी, उनका आत्मविश्वास और उनकी क्षमताएं महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का संदेश नारी सम्मान को सामाजिक मूल्यों के साथ-साथ प्रदेश के विकास से जोड़ता है।
निष्कर्ष: गोरखपुर में महानवमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कन्या पूजन धार्मिक आस्था और नारी सम्मान के संदेश से जुड़ा रहा। कन्याओं के पैर धोकर और उन्हें उपहार भेंट कर उन्होंने भारतीय परंपरा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। साथ ही, अपने संदेश में महिलाओं की शक्ति, आत्मविश्वास और उत्तर प्रदेश की समृद्धि में उनकी भूमिका को महत्व दिया।









