गोरखपुर, 27 जनवरी 2026। गोरखपुर की सर्द सुबह मंगलवार को विकास के नाम रही। शहर के दो अहम यातायात बिंदुओं—खजांची चौराहा और बरगदवा—पर लंबे समय से जिस राहत का इंतज़ार था, वह आज हकीकत बनकर सामने आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ₹96.50 करोड़ की लागत से बने खजांची चौराहा फ्लाईओवर और ₹152.19 करोड़ से तैयार बरगदवा-नकहा रेल ओवरब्रिज का लोकार्पण किया। मंच से उन्होंने विकास कार्यों के साथ प्रदेश की बदली छवि पर भी तीखा राजनीतिक संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू’ की पहचान से निकलकर ‘ब्रेकथ्रू’ राज्य की ओर बढ़ चुका है। “प्रदेश की नई पहचान की यह रीकोडिंग कुछ लोगों को रास नहीं आ रही। जातिवादी और परिवारवादी राजनीति करने वाले इसे पचा नहीं पा रहे,” उन्होंने कहा। उनके अनुसार, सुदृढ़ कानून व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विस्तार ने राज्य को नई दिशा दी है।
लोकार्पण की औपचारिक शुरुआत खजांची चौराहे पर शिलापट्ट अनावरण और फीता काटकर हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री बरगदवा पहुँचे, जहाँ रेल ओवरब्रिज को जनता को समर्पित किया गया। समारोह स्थल पर मौजूद लोगों की भीड़ और स्थानीय उत्साह यह संकेत दे रहा था कि ये दोनों परियोजनाएँ रोज़मर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डालेंगी।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब प्रदेश की पहचान दंगों और अव्यवस्था से जोड़ी जाती थी, जबकि आज वही प्रदेश निवेश और अवसरों की चर्चा में है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में सुधार से “दंगाई बिल में घुस चुके हैं” और जो बचे थे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई हुई है। उनके शब्दों में, “उपद्रव को संरक्षण देने वाली सोच को विकास की रफ्तार ने पीछे छोड़ दिया है।”
उन्होंने वर्ष 2017 से पहले की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि तब भय, असुरक्षा और अराजकता का माहौल था। “न बेटी सुरक्षित थी, न व्यापारी निश्चिंत। जाति की राजनीति ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया,” उन्होंने कहा। अब, उनके मुताबिक, सरकार समस्या के समाधान और आने वाली पीढ़ी के भविष्य पर केंद्रित है।
निवेश और रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि बेहतर सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर ने निवेश का माहौल बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ₹45 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं और डेढ़ करोड़ युवाओं के रोजगार से जुड़े अवसर तैयार हुए हैं। गोरखपुर का उल्लेख करते हुए उन्होंने गीडा से धुरियापार तक औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की बात कही, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिल रहा है।
गोरखपुर की बदलती पहचान
सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर की पहचान अब “माफिया, मच्छर और इंसेफेलाइटिस” से नहीं, बल्कि वर्ल्ड क्लास सड़कों, एम्स, खाद कारखाना, और बेहतर कनेक्टिविटी से है। एयरपोर्ट से सोनौली, लखनऊ और वाराणसी तक फोरलेन सड़कों का जाल, लिंक एक्सप्रेसवे का मार्ग, और रामगढ़ताल का कायाकल्प—इन सबने शहर की तस्वीर बदली है।
उन्होंने यह भी कहा कि अब विकास किसी एक परिवार या क्षेत्र की विरासत नहीं रहेगा, बल्कि हर जिले तक पहुंचेगा। प्रयागराज के माघ मेले का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि बेहतर सुरक्षा और सुविधाओं के कारण इस बार मौनी अमावस्या पर साढ़े चार करोड़ और वसंत पंचमी पर साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान किया।
परियोजनाओं का तकनीकी महत्व
करीब 1092 मीटर लंबा बरगदवा-नकहा रेल ओवरब्रिज रेलवे समपार संख्या 5ए पर बनाया गया है। इससे फाटक पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और महानगर के उत्तरी हिस्से का यातायात सुगम होगा। मेडिकल कॉलेज होते हुए महाराजगंज जाने वालों के लिए भी यह मार्ग आसान बनेगा।
वहीं 605 मीटर लंबा खजांची चौराहा फ्लाईओवर जेल बाईपास को स्पोर्ट्स कॉलेज रोड से सीधे जोड़ता है। इससे कौवाबाग, खजांची चौराहा, फर्टिलाइजर कारखाना और सोनौली रोड की आवाजाही तेज और सरल होगी।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
समारोह में सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि डबल इंजन सरकार विकास के साथ गरीबों और वंचितों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने नगर निगम की योजनाओं का उल्लेख किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ला, सरवन निषाद, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, राजेश गुप्ता और महंत रविंद्रदास सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इन दोनों परियोजनाओं के लोकार्पण के साथ गोरखपुर के ट्रैफिक मानचित्र में एक अहम सुधार जुड़ गया है। मंच से दिए गए राजनीतिक संदेश अपनी जगह, लेकिन ज़मीन पर इन पुलों का असर रोज़मर्रा की रफ्तार में दिखेगा—जहाँ मिनटों की बचत, शहर की चाल बदल देती है।










