गोरखपुर, 27 जनवरी 2026। शहर की ट्रैफिक समस्या को स्थायी राहत देने की दिशा में मंगलवार शाम एक अहम कदम उठाया गया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर फ्लाईओवर लोकार्पण कार्यक्रम में खजांची फ्लाईओवर और बरगदवा रेल ओवरब्रिज को जनता को समर्पित किया। शाम 4:50 बजे हुए इस लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री ने मौके पर ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता का निरीक्षण भी किया और ओवरब्रिज पर पैदल चलकर कार्य की बारीकियों को परखा।
152.19 करोड़ की लागत से बना बरगदवा रेल ओवरब्रिज
बरगदवा चौराहे से जेल रोड पर, नकहा जंगल–मानीराम स्टेशनों के बीच समपार संख्या 5ए पर बने रेल उपरिगामी सेतु (ओवरब्रिज) का निर्माण 152.19 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। 1092 मीटर लंबा यह ओवरब्रिज लंबे समय से रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम की समस्या का स्थायी समाधान माना जा रहा है।
इस पुल के चालू होने से महानगर के उत्तरी हिस्से में यातायात और सुगम होगा। मेडिकल कॉलेज होते हुए महाराजगंज की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी अब रास्ता अधिक आसान और समय बचाने वाला हो गया है।
96.50 करोड़ का खजांची फ्लाईओवर, सीधी कनेक्टिविटी
बरगदवा से ही मुख्यमंत्री ने खजांची चौराहा स्थित 96.50 करोड़ रुपये की लागत से बने 605 मीटर लंबे फ्लाईओवर का भी लोकार्पण किया। यह फ्लाईओवर जेल बाईपास को स्पोर्ट्स कॉलेज रोड से सीधे जोड़ता है।
अब कौवाबाग से खजांची चौराहा होते हुए फर्टिलाइजर कारखाना और सोनौली रोड की ओर जाना पहले की तुलना में कहीं अधिक सहज हो गया है। शहर के भीतर अनावश्यक ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है।
गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरगदवा ओवरब्रिज पर कुछ दूरी तक पैदल चलकर निर्माण गुणवत्ता का निरीक्षण किया। अधिकारियों से तकनीकी जानकारी ली और सुनिश्चित करने को कहा कि ऐसे सभी प्रोजेक्ट्स में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।
जाम से राहत, कनेक्टिविटी में सुधार
गोरखपुर फ्लाईओवर लोकार्पण केवल दो पुलों के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर के यातायात ढांचे में एक महत्वपूर्ण सुधार का संकेत भी बना। रेलवे समपार फाटक पर लगने वाले जाम से राहत, उत्तरी क्षेत्र की बेहतर कनेक्टिविटी और प्रमुख मार्गों पर समय की बचत—इन परियोजनाओं का सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा।










