गोरखपुर, 03 मार्च 2026। होलिकोत्सव के बाद मंगलवार की सुबह जब योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर परिसर में पहुंचे, तो माहौल औपचारिक कम और संवादपूर्ण ज्यादा दिखा। कुर्सियों पर बैठे लोग अपनी-अपनी फाइलें, मेडिकल रिपोर्ट और उम्मीदें साथ लाए थे। गोरखपुर जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों से सीधे मुलाकात की और एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं।
गोरखपुर जनता दर्शन में इलाज के लिए आर्थिक सहायता का आश्वासन
मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री लोगों के बीच जाकर रुके, झुके, कागज़ देखे और सवाल पूछे। जिन लोगों ने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई, उन्हें स्पष्ट शब्दों में भरोसा दिलाया गया—“बेफिक्र होकर अच्छे अस्पताल में इलाज कराइए, सरकार पूरी मदद करेगी।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन आवेदकों को इलाज के लिए सहायता चाहिए, उनके मेडिकल इस्टीमेट की प्रक्रिया तेजी से पूरी कर शासन को भेजी जाए। जरूरतमंदों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि धन की कमी किसी भी मरीज के उपचार में बाधा नहीं बननी चाहिए।
आयुष्मान कार्ड पर भी पूछताछ
जनता दर्शन के दौरान एक व्यक्ति ने किडनी की गंभीर बीमारी का जिक्र किया और बताया कि आर्थिक तंगी इलाज में आड़े आ रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने पहले आयुष्मान कार्ड के बारे में जानकारी ली। कार्ड न होने की बात सामने आने पर उन्होंने आश्वस्त किया कि इलाज के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसी तरह कई अन्य लोग भी कैंसर, हृदय रोग और अन्य जटिल बीमारियों के उपचार के लिए मदद मांगने पहुंचे थे।
प्रशासन को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि हर शिकायत पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए। त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
भूमि कब्जे और दबंगई से जुड़े मामलों पर भी मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख दिखाया। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि कहीं अवैध कब्जा या दबंगई की शिकायत मिले तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
बच्चों को चॉकलेट, पढ़ाई की सीख
जनता दर्शन में कुछ लोग अपने बच्चों के साथ भी पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को स्नेहपूर्वक आशीर्वाद दिया, चॉकलेट बांटी और मन लगाकर पढ़ाई करने की प्रेरणा दी। यह दृश्य औपचारिक प्रशासनिक बैठक से अलग एक मानवीय स्पर्श लिए हुए था।
संवाद की परंपरा
गौरतलब है कि गोरखपुर में मुख्यमंत्री का जनता दर्शन कार्यक्रम एक नियमित परंपरा के रूप में जाना जाता है, जहां आम लोग सीधे अपनी बात रख सकते हैं। इस बार भी करीब 150 फरियादियों की समस्याएं दर्ज की गईं और संबंधित विभागों को अग्रसारित की गईं।
समापन में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि किसी को घबराने या निराश होने की जरूरत नहीं है। सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है—खासतौर पर तब, जब बात जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ी हो।









