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पीएम मोदी ने UAE राष्ट्रपति को भेंट किया गुजराती नक्काशीदार झूला, सांस्कृतिक कूटनीति को मिली नई ऊँचाई

On: January 21, 2026
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पीएम मोदी ने UAE राष्ट्रपति को भेंट किया गुजराती नक्काशीदार झूला
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नई दिल्ली | 21 जनवरी 2026: भारत और संयुक्त अरब अमीरात के रिश्ते इन दिनों केवल कूटनीतिक दस्तावेज़ों या व्यापारिक समझौतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनमें भावनाओं और सांस्कृतिक आत्मीयता की गहरी छाप साफ़ दिखती है। इसी का एक जीवंत उदाहरण सोमवार को उस समय देखने को मिला, जब नरेंद्र मोदी ने भारत दौरे पर आए शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का गर्मजोशी से स्वागत किया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई राष्ट्रपति को भारत की परंपरागत कला और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक गुजराती नक्काशीदार झूला भेंट किया। यह उपहार केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, उसके कारीगरों की मेहनत और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का सजीव प्रतिनिधित्व है।

गुजराती नक्काशीदार झूला: परंपरा, परिवार और संवाद का प्रतीक

प्रधानमंत्री द्वारा भेंट किया गया यह झूला पूरी तरह से हाथ से तैयार किया गया है। गुजरात के पारंपरिक कारीगरों ने लकड़ी पर की गई बारीक नक्काशी में फूलों, ज्यामितीय आकृतियों और लोक-डिज़ाइनों को इस तरह उकेरा है कि देखने वाला ठहरकर उसे निहारने को मजबूर हो जाए।
गुजराती संस्कृति में झूला केवल आराम का साधन नहीं होता, बल्कि वह संवाद, अपनापन और परिवार के बीच जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि यह उपहार यूएई द्वारा वर्ष 2026 को ‘ईयर ऑफ फैमिली’ घोषित किए जाने के संदर्भ में भी विशेष महत्व रखता है।

राजनयिक हलकों में इसे एक सूक्ष्म लेकिन सशक्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है—कि भारत, रिश्तों को औपचारिकता से आगे ले जाकर पारिवारिक मूल्यों से जोड़ता है।

कश्मीरी पश्मीना शॉल और चांदी का नक्काशीदार बॉक्स

गुजराती झूले के साथ-साथ प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति अल नाहयान को कश्मीर की विश्वप्रसिद्ध पश्मीना शॉल भी भेंट की। यह शॉल अपनी कोमलता, हल्केपन और प्राकृतिक गर्माहट के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचानी जाती है।
खास बात यह रही कि इस पश्मीना शॉल को तेलंगाना में निर्मित एक नक्काशीदार चांदी के बॉक्स में रखकर प्रस्तुत किया गया। चांदी के इस डिब्बे पर की गई सूक्ष्म कलाकारी और कश्मीर की हथकरघा परंपरा—दोनों मिलकर भारत की उत्तर से दक्षिण तक फैली सांस्कृतिक विविधता को दर्शाते हैं।

रिश्तों में भावनात्मक गर्माहट

प्रधानमंत्री मोदी ने इन उपहारों के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात के संबंध केवल रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनमें आपसी विश्वास, सम्मान और मानवीय संवेदनाएँ गहराई से जुड़ी हैं।
राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने इन उपहारों के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए भारतीय संस्कृति के प्रति अपने सम्मान को दोहराया।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी सांस्कृतिक कूटनीति ‘पीपल-टू-पीपल’ संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने यूएई राष्ट्रपति की माता, शेखा फातिमा बिंत मुबारक अल केतबी के लिए भी पश्मीना शॉल और कश्मीरी केसर जैसे विशेष उपहार भेंट किए, जो इस रिश्ते की आत्मीयता को और गहरा बनाते हैं।

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