राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

सीमावर्ती क्षेत्र में ‘गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा’ को सीएम योगी की सराहना, पहले दिन 70,000 लोगों तक पहुँची चिकित्सा

On: February 6, 2026
Follow Us:
गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा को सीएम योगी की सराहना
---Advertisement---

लखनऊ, 6 फरवरी 2026। नेपाल सीमा से लगे उत्तर प्रदेश के दूरदराज इलाकों में इन दिनों एक असामान्य हलचल है—डॉक्टरों की टीमें, दवाइयों से भरी मेजें, पंजीकरण काउंटरों पर कतारें और गांव-गांव जागरूकता की बातें। यह दृश्य ‘गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा’ का है, जिसे National Medicos Organisation (एनएमओ) ने अवध व गोरक्ष प्रांत में, श्री गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास और अन्य सामाजिक संगठनों के सहयोग से शुरू किया है। तीन दिवसीय यह अभियान 8 फरवरी तक चलेगा और पहले ही दिन 70,000 से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँच चुकी हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सीमावर्ती और वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा पहुँचाना ‘डबल इंजन सरकार’ की प्राथमिकता है। उन्होंने इसे “लोक मंगल और जन सेवा” की भावना से प्रेरित प्रयास बताया, जो भारत-नेपाल सीमा के गांवों में स्वास्थ्य और सामाजिक चेतना का दीप जला रहा है।

सात जिलों में एक साथ लगे शिविर

यह स्वास्थ्य सेवा यात्रा सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर और पीलीभीत के थारू जनजाति बहुल गांवों में संचालित हो रही है। एनएमओ अवध प्रांत के महामंत्री डॉ. शिवम् मिश्र के अनुसार, पहले दिन पीलीभीत में 10, लखीमपुर में 30, बलरामपुर में 40, श्रावस्ती में लगभग 25, बहराइच में 30, सिद्धार्थनगर में 10 और महाराजगंज में लगभग 10 शिविर लगाए गए। स्थानीय और बाहरी चिकित्सकों सहित करीब 1,000 डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण, दवा वितरण और परामर्श दिया।

इन शिविरों में केवल उपचार ही नहीं, बल्कि संतुलित आहार, माहवारी स्वच्छता, संक्रामक रोगों से बचाव और दैनिक स्वास्थ्य आदतों पर भी विस्तार से जागरूकता सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

2019 से जारी सेवा प्रकल्प का छठा पड़ाव

वर्ष 2019 से निरंतर चल रहे इस सेवा प्रकल्प का यह छठा चरण है। पिछले वर्ष फरवरी में आयोजित यात्रा में 2,18,000 से अधिक लोगों को लाभ मिला था। इस बार लक्ष्य तीन दिनों में 3 लाख से अधिक मरीजों तक पहुँचना है। 7 और 8 फरवरी को भी शिविर इसी गति से जारी रहेंगे, जबकि 8 फरवरी को प्रत्येक जिले में विशाल स्वास्थ्य मेले का आयोजन प्रस्तावित है।

सीएम योगी: स्वास्थ्य केवल इलाज नहीं, जागरूकता भी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि सरकार स्वास्थ्य को केवल इलाज तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि बीमारियों की रोकथाम, टीकाकरण, जनजागरूकता और आधारभूत ढांचे के विकास पर समान जोर दे रही है। उन्होंने विशेष रूप से इंसेफ्लाइटिस नियंत्रण का उल्लेख करते हुए कहा कि समयबद्ध रणनीति और जनभागीदारी से इस चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि थारू जनजाति और वनटांगिया समुदाय के बीच ऐसे अभियानों से स्वास्थ्य के साथ सामाजिक सशक्तिकरण भी संभव होता है।

जनजातीय विकास और सेवा संस्कृति का संगम

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद वनटांगिया गांवों को राजस्व गांव का दर्जा देकर उन्हें शासन की मुख्यधारा से जोड़ा गया। सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता में है। ‘गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा’ इसी व्यापक दृष्टि का जमीनी रूप है, जहाँ सेवा को साधना और स्वास्थ्य सेवा को राष्ट्र सेवा के रूप में देखा जा रहा है।

इस अभियान में एनएमओ के साथ एकल अभियान, सीमा जागरण मंच, वनवासी कल्याण आश्रम, विश्व हिंदू परिषद और सेवा भारती के कार्यकर्ताओं का भी सहयोग है, जो इसे सामुदायिक भागीदारी का बड़ा उदाहरण बनाता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now