ग्वालियर, मध्य प्रदेश/18 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में शीतला माता मंदिर के पास रविवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में 14 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 29 लोग घायल हो गए। चीनौर रोड पर ढलान के पास धान से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे मौजूद श्रद्धालुओं और दुकानों से जा टकराया। इसके बाद ट्रक मंदिर के प्रवेश द्वार और बाहरी दीवार से भिड़ गया। मृतकों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। घायलों में दो पुलिसकर्मी भी बताए गए हैं।
हादसा 17 और 18 अक्टूबर की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे हुआ। नवरात्रि के दौरान मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों, पुलिस और प्रशासन की टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। कई घायलों की हालत गंभीर बताई गई है।
ग्वालियर सड़क हादसा: ढलान पर बेकाबू हुआ धान से भरा ट्रक
जानकारी के मुताबिक, चीनौर रोड पर मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते में तेज ढलान है। इसी रास्ते से धान से भरा ट्रक नीचे की ओर आ रहा था। इसी दौरान चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। ट्रक सड़क किनारे मौजूद श्रद्धालुओं और दुकानों को अपनी चपेट में लेता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार तक पहुंच गया।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर की बाहरी दीवार भी क्षतिग्रस्त होकर ढह गई। ट्रक की चपेट में आने और दीवार के मलबे में दबने से कई लोग घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को निकालने में मदद की। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।
नवरात्रि के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए हादसे की भयावहता और बढ़ गई। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए मदद की। दुर्घटना में कितने लोग किस तरह प्रभावित हुए, इसकी जानकारी जुटाने के साथ अस्पतालों में उपचार का सिलसिला जारी रहा।
बैरिकेड तोड़कर आगे निकला ट्रक, एसएसपी ने बताई शुरुआती जानकारी
ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक, चीनौर की ओर से आने वाले मार्ग पर ढलान काफी तेज है। श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए इस रास्ते पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक थी। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड भी लगाए थे।
एसएसपी के अनुसार, हादसे वाली रात धान से भरे ट्रक को रोकने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन ट्रक बैरिकेड तोड़कर आगे निकल गया। इसके बाद चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रक ढलान से नीचे उतरते हुए मंदिर की बाहरी दीवार तथा प्रवेश द्वार से जा टकराया। इस दौरान सड़क पर मौजूद श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए।
हादसे के समय ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआती जानकारी में अस्पताल पहुंचाए गए लोगों और मृतकों की संख्या अलग-अलग बताई गई थी। बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 14 होने की जानकारी सामने आई।
चश्मदीद ने बताया, अचानक भीड़ में घुसा ट्रक
हादसे के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि ट्रक अचानक वहां पहुंचा और सड़क किनारे मौजूद लोगों तथा दुकानों को टक्कर मारता चला गया। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, ट्रक में जरूरत से ज्यादा सामान लदा हुआ था। उसने मौके पर कई लोगों को गंभीर हालत में देखा।
प्रत्यक्षदर्शी ने यह भी बताया कि उसका भाई हादसे में घायल हुआ है। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल था। स्थानीय लोग घायलों की मदद करने और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटे रहे।
हालांकि, ट्रक में निर्धारित क्षमता से अधिक माल लदा था या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल दुर्घटना के कारणों और घटनाक्रम को लेकर पुलिस तथा प्रशासन की जांच जारी है।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश, आरटीओ करेगी ट्रक की तकनीकी जांच
ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि नवरात्रि के दौरान संबंधित मार्ग पर स्टॉपर और पुलिस चेक-पॉइंट की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद ट्रक प्रतिबंधित मार्ग पर कैसे पहुंचा और बैरिकेड तोड़कर आगे कैसे निकल गया, इसकी जांच की जा रही है।
प्रशासन ने ट्रक की तकनीकी स्थिति की जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की टीम को भी मौके पर भेजा है। जांच में वाहन की मशीनों और तकनीकी स्थिति की पड़ताल की जाएगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि ट्रक में कोई तकनीकी खराबी थी या नहीं और वाहन लगातार बाईं ओर क्यों मुड़ता चला गया।
पुलिस हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना के पीछे वाहन की तकनीकी खराबी, चालक की लापरवाही या अन्य कोई कारण जिम्मेदार था।
अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी, गंभीर मरीजों पर नजर
कलेक्टर रुचिका चौहान के अनुसार, हादसे में घायल लोगों के उपचार पर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। अस्पतालों में डॉक्टरों की टीमें घायलों की स्थिति के अनुसार सीटी स्कैन और एक्स-रे कर रही हैं, ताकि चोटों की गंभीरता का आकलन कर उचित इलाज दिया जा सके।
प्रारंभिक जानकारी में कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई थी। प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन घायलों के उपचार तथा उनकी स्थिति से संबंधित जानकारी जुटा रहे हैं।
ग्वालियर सड़क हादसे ने नवरात्रि जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही वाले मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए की गई व्यवस्था के बावजूद ट्रक का आगे निकल जाना जांच का अहम बिंदु है। अब प्रशासनिक जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि सुरक्षा इंतजामों में चूक कहां हुई और हादसे की असल वजह क्या थी।













