लखनऊ, 03 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस-2026 को जनभागीदारी का महापर्व बनाने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने हर घर तिरंगा अभियान को तेज गति दे दी है। इस बार प्रदेश सरकार ने पांच करोड़ घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस अभियान में विद्यालयों को सबसे अहम भूमिका सौंपी गई है, ताकि राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और संविधान के प्रति सम्मान का संदेश विद्यार्थियों के माध्यम से हर घर तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ और 15 अगस्त तक चलने वाले हर घर तिरंगा अभियान-2026 को व्यापक जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी पूरी कर ली गई है। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना जारी करते हुए सभी विद्यालयों को विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रभक्ति और संविधान के सम्मान का संदेश पहुंचाएगा अभियान
अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा के निर्देशों के अनुसार, हर घर तिरंगा अभियान का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रखकर जनभागीदारी और राष्ट्रीय चेतना का उत्सव बनाना है।
इसके तहत प्रदेश के सभी बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में तय कार्यक्रमों का समयबद्ध आयोजन होगा। प्रत्येक गतिविधि में अधिक से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी, स्थानीय समुदाय का सहयोग और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
14 अगस्त को मनाया जाएगा ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’
सरकार की कार्ययोजना के तहत 14 अगस्त को प्रदेश के सभी विद्यालयों में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर विद्यार्थियों को भारत विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उसके सामाजिक और मानवीय प्रभाव तथा राष्ट्रीय एकता के महत्व से अवगत कराया जाएगा।
विद्यालयों में विशेष व्याख्यान, परिचर्चा, प्रदर्शनी और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे, ताकि नई पीढ़ी इतिहास से सीख लेकर सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक हो सके।
विद्यालयों से घर-घर पहुंचेगा तिरंगे का सम्मान
हर घर तिरंगा अभियान-2026 के तहत विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को अपने-अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। विद्यालय इस अभियान के प्रचार-प्रसार का प्रमुख केंद्र बनेंगे और स्थानीय समुदाय को भी इसमें शामिल करेंगे, जिससे तिरंगे के सम्मान और राष्ट्रगौरव का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
निबंध, तिरंगा यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजेंगे स्कूल
अभियान के दौरान विद्यालयों में निबंध लेखन, चित्रकला, भाषण, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, देशभक्ति गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रभात फेरी और तिरंगा यात्रा जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज संहिता, संविधान में वर्णित मूल कर्तव्यों और राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी जाएगी, ताकि उनमें जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना और मजबूत हो।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी दिखेगी अभियान की झलक
सरकार ने हर घर तिरंगा अभियान को डिजिटल माध्यमों से भी व्यापक बनाने की तैयारी की है। विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रमों के फोटो और वीडियो निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा सोशल मीडिया पर साझा किए जाएं। साथ ही विद्यार्थियों और अभिभावकों को अभियान के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
‘विद्यालय इस अभियान के सबसे बड़े केंद्र बनेंगे’
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और संविधान के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विद्यालय इस अभियान के सबसे बड़े केंद्र बनेंगे और प्रत्येक विद्यार्थी को तिरंगे के सम्मान, स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों तथा विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि विद्यालयों से शुरू होने वाला राष्ट्रगौरव का यह संदेश जनभागीदारी के माध्यम से हर घर तक पहुंचेगा और स्वतंत्रता दिवस को सच्चे अर्थों में राष्ट्रीय उत्सव का स्वरूप देगा।









