गोरखपुर | 03 मार्च 2026 (मंगलवार)। रंगों के त्योहार से ठीक पहले प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार ने स्पष्ट संदेश दे दिया है। होली पर सख्ती बरतने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि हुड़दंग, जबरन रंग लगाने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर यूपी पुलिस तत्काल और कठोर कार्रवाई करेगी।
गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने Gorakhnath Temple के बैठक कक्ष में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक का केंद्रबिंदु था—आगामी होली पर्व पर शांति, सुरक्षा और व्यवस्था।
कानून-व्यवस्था पर साफ संदेश
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” नीति में कोई ढील नहीं दी जाएगी। त्योहार के नाम पर अराजकता बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की जाए और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर सतर्क निगरानी रखी जाए।
“त्योहार उत्साह का हो, उपद्रव का नहीं”—बैठक में मुख्यमंत्री का यह कथन अधिकारियों के लिए स्पष्ट दिशा था।
अतिक्रमण और ट्रैफिक व्यवस्था पर फोकस
होली के दौरान बाजारों और मुख्य सड़कों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नगर प्रशासन को सड़कों को अतिक्रमणमुक्त रखने के निर्देश दिए। रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान पर लगाने और वाहनों की पार्किंग निर्धारित स्थलों पर सुनिश्चित करने को प्राथमिकता बताया गया।
उन्होंने कहा कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़े जाम या विवाद का कारण बन सकती है। इसलिए ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार करें।
बैठक में एडीजी मुथा अशोक जैन, मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, डीआईजी डॉ. एस. चनप्पा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
जनता दर्शन में सुनीं 150 लोगों की समस्याएं
मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने जनता दर्शन कार्यक्रम में लगभग 150 लोगों की शिकायतें सुनीं।
यह दृश्य प्रशासनिक औपचारिकता से अलग था—यहां फरियादियों की आंखों में उम्मीद थी और मुख्यमंत्री के शब्दों में आश्वासन। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही कई मामलों में कार्रवाई के निर्देश दिए।
आयुष्मान कार्ड न होने पर भी इलाज
स्वास्थ्य से जुड़े मामलों पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी जरूरतमंद मरीज का इलाज धनाभाव में नहीं रुकेगा। यदि किसी व्यक्ति के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, तब भी गंभीर बीमारी की स्थिति में उसका उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा, “गरीब की बीमारी सरकार की जिम्मेदारी है।”
यह बयान केवल घोषणा नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक संकेत भी है—कि स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई प्राथमिकता बनी रहे।
त्योहार, सुरक्षा और प्रशासनिक संतुलन
होली जैसे बड़े त्योहार पर अक्सर कानून-व्यवस्था चुनौती बन जाती है। रंग, उत्साह और भीड़—इन सबके बीच यदि नियंत्रण ढीला पड़े तो हालात बिगड़ने में देर नहीं लगती। ऐसे में होली पर सख्ती के निर्देश प्रशासन को सतर्क और जवाबदेह बनाने की कोशिश हैं।
प्रदेश सरकार का रुख साफ है—त्योहार की खुशियां बरकरार रहें, लेकिन कानून की मर्यादा भी अक्षुण्ण रहे।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सामाजिक समरसता और भाईचारे का प्रतीक है। इसे प्रेम और संयम के साथ मनाया जाए।









