रायपुर/शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज की शुरुआत जीत के साथ की है। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शुक्रवार को खेले गए पहले मुकाबले में भारत ने जिम्बाब्वे को चार विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। स्मृति मंधाना के लिए यह जीत खास रही, क्योंकि पूर्णकालिक कप्तान के रूप में उनके कार्यकाल की शुरुआत जीत के साथ हुई।
जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट पर 114 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए 15.4 ओवर में छह विकेट पर 116 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। भारत की जीत में दीप्ति शर्मा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाली निकी प्रसाद की अहम भूमिका रही। दोनों ने मुश्किल समय में पारी संभाली और टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया।
IND W vs ZIM W: शुरुआती झटकों से दबाव में आई टीम इंडिया
115 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। जिम्बाब्वे की गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और शुरुआती विकेट लेकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया।
एक समय भारत ने महज 19 रन के स्कोर पर चार विकेट गंवा दिए थे। शीर्ष क्रम के जल्दी बिखरने से टीम पर दबाव बढ़ गया और जिम्बाब्वे को मैच में वापसी की उम्मीद दिखाई देने लगी।
ऐसी परिस्थिति में भारतीय टीम को एक ऐसी साझेदारी की जरूरत थी, जो न केवल विकेट बचाए बल्कि रनगति को भी बनाए रखे। दीप्ति शर्मा और युवा बल्लेबाज निकी प्रसाद ने यही जिम्मेदारी निभाई।
दीप्ति शर्मा और निकी प्रसाद की 82 रन की अहम साझेदारी
मुश्किल हालात में दीप्ति शर्मा ने अनुभव का परिचय दिया। उन्होंने 49 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर भारतीय टीम को संकट से बाहर निकालने में अहम योगदान दिया। वह अर्धशतक से केवल एक रन दूर रह गईं, लेकिन उनकी बल्लेबाजी ने मैच का रुख बदल दिया।
दूसरी ओर, अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल रहीं निकी प्रसाद ने धैर्य और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। उन्होंने नाबाद 39 रन बनाए और अंत तक क्रीज पर टिककर भारत को लक्ष्य तक पहुंचाया।
दीप्ति और निकी ने पांचवें विकेट के लिए 82 रन की साझेदारी की। शुरुआती चार विकेट गिरने के बाद यह साझेदारी भारतीय पारी का निर्णायक मोड़ साबित हुई। निकी ने अंत तक जिम्मेदारी संभाली और भारत ने 26 गेंद शेष रहते जीत दर्ज कर ली।
जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी ने भारत के सामने रखा 115 रन का लक्ष्य
इससे पहले टॉस जीतकर भारत ने जिम्बाब्वे को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 114 रन ही बना सकी।
जिम्बाब्वे की ओर से शार्न मायर्स ने नाबाद 43 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की, जबकि केलिस नधलोवु ने 42 रन का योगदान दिया। दोनों बल्लेबाजों की पारियों के बावजूद टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।
भारतीय गेंदबाजों ने विपक्षी टीम को 114 रन पर रोककर जीत की नींव रखी। हालांकि, लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय शीर्ष क्रम के जल्दी आउट होने से मुकाबला उम्मीद से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया।
स्मृति मंधाना के लिए यादगार रहा कप्तानी का आगाज
भारतीय महिला टीम की कप्तान स्मृति मंधाना के लिए यह मुकाबला कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। पूर्णकालिक कप्तान के रूप में उनके नए कार्यकाल की शुरुआत जीत के साथ हुई। टीम की शुरुआती मुश्किलों के बावजूद मध्यक्रम ने दबाव में बेहतर प्रदर्शन किया और भारत को सीरीज में बढ़त दिला दी।
इस मुकाबले में निकी प्रसाद के अंतरराष्ट्रीय पदार्पण और दीप्ति शर्मा की अनुभवी बल्लेबाजी ने भारतीय टीम की मजबूती को सामने रखा। जिम्बाब्वे के खिलाफ मिली यह जीत भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है।
अब भारत की नजर अगले टी20 मुकाबले पर होगी। टीम चाहेगी कि बल्लेबाजी की शुरुआती कमजोरियों को दूर कर अगले मैच में भी बेहतर प्रदर्शन किया जाए, ताकि तीन मैचों की सीरीज में अपनी स्थिति और मजबूत की जा सके।













