नई दिल्ली (Sun, 08 Feb 2026)। भारत-कनाडा सुरक्षा संवाद के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कनाडा के प्रधानमंत्री की उप सचिव और राष्ट्रीय सुरक्षा एवं खुफिया सलाहकार नताली ड्रोइन से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह बैठक नियमित द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता का हिस्सा थी, जिसमें दोनों देशों ने राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर ठोस प्रगति की समीक्षा की।
बैठक का स्वर व्यावहारिक रहा—कागज़ी सहमति से आगे बढ़कर क्रियान्वयन (implementation) पर जोर दिखा। दोनों पक्षों ने उन पहलों का आकलन किया, जो अपने-अपने देशों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पहले शुरू की गई थीं, और आगे की साझा कार्ययोजना (joint action plan) पर सहमति जताई।
किन मुद्दों पर बनी सहमति?
- राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े समकालीन खतरों पर सूचना-साझाकरण (information sharing)
- कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने के उपाय
- नागरिकों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए प्रक्रियागत सहयोग
- पूर्व में शुरू पहलों की प्रगति की समीक्षा और समयबद्ध क्रियान्वयन
इस संवाद ने संकेत दिया कि दोनों देश सुरक्षा सहयोग को संस्थागत ढांचे में और मजबूत करना चाहते हैं, ताकि बदलते वैश्विक परिदृश्य में प्रतिक्रियाएँ तेज और समन्वित हों।
कूटनीति से आगे, संचालन स्तर तक तालमेल
बैठक में इस बात पर जोर रहा कि सुरक्षा सहयोग केवल नीति-स्तर (policy level) तक सीमित न रहे, बल्कि जांच एजेंसियों और प्रवर्तन तंत्र के बीच सीधे तालमेल तक पहुँचे। यही वह परत है जहाँ द्विपक्षीय समझ वास्तविक असर दिखाती है—जमीनी कार्रवाई, समय पर सूचना, और स्पष्ट जवाबदेही।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्षों ने राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन के मुद्दों पर सहयोग को दिशा देने के लिए अपनी-अपनी प्राथमिकताओं को साझा किया और उन्हें एक साझा रोडमैप में पिरोने पर सहमति बनाई।
निष्कर्ष
भारत-कनाडा सुरक्षा संवाद की यह कड़ी ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक सुरक्षा चुनौतियाँ अधिक जटिल और परस्पर जुड़ी हुई हैं। नियमित वार्ताओं के जरिए दोनों देश नागरिक सुरक्षा, कानून प्रवर्तन समन्वय और रणनीतिक भरोसे को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।













