शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026: एशियाई खेलों के पुरुष क्रिकेट में शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बीच स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला होगा। एक तरफ विश्व चैंपियन भारत अपनी अनुभवी और मजबूत टीम के साथ मैदान पर उतरेगा, तो दूसरी ओर पाकिस्तान की युवा टीम बड़े मंच पर उलटफेर करने के इरादे से उतरेगी। भारत-पाकिस्तान मुकाबला अपने आप में खास होता है, लेकिन इस बार दांव पर गोल्ड मेडल होने से मुकाबले का रोमांच और बढ़ गया है।
भारत-पाकिस्तान मुकाबले में गोल्ड मेडल दांव पर
एशियाई खेलों में क्रिकेट का स्तर भले ही शीर्ष अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से अलग हो, लेकिन भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने हों तो मुकाबले की अहमियत अपने आप बढ़ जाती है। इस बार दोनों टीमें सीधे सेमीफाइनल मुकाबले में उतरीं और अपने-अपने मैच जीतकर फाइनल तक पहुंचीं। लगातार बारिश के कारण प्रतियोगिता के कार्यक्रम पर भी असर पड़ा।
भारत के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का काफी अनुभव है। टीम में नए टी-20 कप्तान श्रेयस अय्यर, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ी हैं। टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है, जबकि अंतरिम मुख्य कोच की जिम्मेदारी वीवीएस लक्ष्मण संभाल रहे हैं।
दूसरी ओर पाकिस्तान की अगुआई साहिबजादा फरहान कर रहे हैं। टीम में पाकिस्तान सुपर लीग में अच्छा प्रदर्शन कर चुके कई खिलाड़ी शामिल हैं। साइम अयूब, माज सदाकत, हसन नवाज और अराफात मिन्हास जैसे खिलाड़ियों पर भी निगाहें रहेंगी।
पिच से बदल सकता है मुकाबले का समीकरण
मुकाबला निशिन सिटी के कोरोगी पार्क में खेला जाना है। यहां की पिच पर नमी और तेज धूप के कारण असमान उछाल देखने को मिल सकता है। गेंद के टर्न लेने की संभावना भी मुकाबले में स्पिन गेंदबाजों की भूमिका को महत्वपूर्ण बना सकती है।
ऐसे में भारत के अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई उपयोगी साबित हो सकते हैं। पिच अगर स्पिनरों के लिए मददगार हुई तो अभिषेक शर्मा भी गेंद से टीम के काम आ सकते हैं।
पाकिस्तान के लिए साहिबजादा फरहान, साइम अयूब, माज सदाकत, हसन नवाज और अराफात मिन्हास अहम भूमिका निभा सकते हैं। पिच की परिस्थितियां दोनों टीमों के बीच अनुभव के अंतर को कुछ हद तक कम कर सकती हैं।
भारत-पाकिस्तान मैच में हाथ मिलाने का मुद्दा भी चर्चा में
पिछले साल एशिया कप के दौरान भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बीच हाथ नहीं मिलाने की घटना के बाद दोनों टीमों के मुकाबलों में यह विषय चर्चा में रहा है। इस फाइनल से पहले और बाद में भी खिलाड़ियों के हाथ मिलाने की संभावना को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि एशियाई खेलों में अन्य खेलों में भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ी मुकाबलों के बाद एक-दूसरे से हाथ मिलाते और गले मिलते दिखाई दिए हैं। ऐसे में क्रिकेट का यह मुकाबला केवल मैदान पर प्रदर्शन के लिहाज से ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच खेल संबंधों के संदर्भ में भी ध्यान खींच रहा है।
भारतीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की लंबी सूची
भारत ने एशियाई खेलों के लिए अपनी मजबूत टीम भेजी है। जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज की मौजूदगी टीम की गेंदबाजी को मजबूती देती है। वहीं अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई की स्पिन तिकड़ी परिस्थितियों के मुताबिक अहम भूमिका निभा सकती है।
बल्लेबाजी में श्रेयस अय्यर के साथ अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन, ईशान किशन और तिलक वर्मा जैसे विकल्प मौजूद हैं। अब देखना होगा कि स्वर्ण पदक के इस मुकाबले में भारतीय टीम अपनी गहराई और अनुभव का कितना फायदा उठा पाती है।
भारतीय टीम
श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, विपराज निगम, यश ठाकुर, अर्शदीप सिंह।
पाकिस्तान टीम
साहिबजादा फरहान (कप्तान), साइम अयूब, माज सदाकत, उस्मान खान, हसन नवाज, अब्दुल समद, अराफात मिन्हास, मोहम्मद वसीम, अहमद दानियाल, सुफियान मोकिम, अबरार अहमद, आकिफ जावेद, अली रजा, साद मसूद, हैदर अली।
फाइनल में भारत के सामने पाकिस्तान की युवा चुनौती होगी। स्वर्ण पदक के इस मुकाबले में जहां भारतीय टीम अपने अनुभव और अंतरराष्ट्रीय सितारों पर भरोसा करेगी, वहीं पाकिस्तान की टीम युवा ऊर्जा और परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश करेगी।













