नई दिल्ली (Thu, 09 Oct 2025): ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर इन दिनों भारत की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्टार्मर के बीच हुई मुलाकात ने भारत-ब्रिटेन रिश्तों में नई ऊर्जा भर दी। बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, वैश्विक स्थिरता और व्यापारिक सहयोग को लेकर गहरी सहमति जताई।
लोकतंत्र बना India-UK Partnership की नींव
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के रिश्ते किसी औपचारिक करार से नहीं, बल्कि साझा मूल्यों और विश्वास की नींव पर टिके हैं। उन्होंने कहा, “हम दोनों देश लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के शासन में समान विश्वास रखते हैं। यही हमारी साझेदारी की असली ताकत है।”
मोदी ने आगे कहा कि मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के दौर में India-UK Partnership न केवल आर्थिक प्रगति का इंजन बन रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्थिरता के लिए भी अहम भूमिका निभा रही है।
CETA समझौते से बढ़ेगा व्यापार और रोजगार
पीएम मोदी ने बताया कि जुलाई में अपनी ब्रिटेन यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) पर हस्ताक्षर हुए थे, जो द्विपक्षीय रिश्तों में मील का पत्थर साबित हुआ। इस समझौते से आयात लागत में कमी आएगी, उद्योगों को नए अवसर मिलेंगे और युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे खुलेंगे।
मोदी ने कहा, “CETA केवल व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह उद्योगों, उपभोक्ताओं और आम नागरिकों—सभी के लिए लाभकारी साबित होगा।”
उन्होंने इस बात पर भी खुशी जताई कि कीर स्टार्मर अपने साथ अब तक का सबसे बड़ा ब्रिटिश व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल लेकर आए हैं, जो दोनों देशों की साझेदारी में ‘नए जोश’ का संकेत है।
क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक शांति पर चर्चा
बैठक में हिंद-प्रशांत, पश्चिम एशिया और यूक्रेन संघर्ष जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कहा कि भारत हमेशा संवाद और कूटनीति के रास्ते से ही शांति स्थापित करने के पक्ष में है।
उन्होंने कहा, “हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना हमारी साझा प्राथमिकता है। यूक्रेन और गाजा के हालात पर हमने रचनात्मक बातचीत की और शांति के हर प्रयास का समर्थन किया।”
‘भारत और ब्रिटेन स्वाभाविक साझेदार हैं’
संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री स्टार्मर के नेतृत्व में भारत-ब्रिटेन संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने स्टार्मर की भारत यात्रा को “India-UK Partnership के नए अध्याय की शुरुआत” बताया।
स्टार्मर ने भी अपनी टिप्पणी में कहा कि ब्रिटेन भारत के साथ हर क्षेत्र में—चाहे वह शिक्षा हो, प्रौद्योगिकी या हरित ऊर्जा—गहरे और दीर्घकालिक सहयोग का इच्छुक है।













