लखनऊ, 31 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश सरकार ने वैश्विक निवेश को आकर्षित करने के लिए एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। इन्वेस्ट यूपी रोड शो के जरिए अब राज्य सरकार दुनिया के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने जा रही है। इसके लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने 20 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है, जिससे विदेशों में बड़े स्तर पर रोड शो और निवेशक बैठकों का आयोजन होगा।
राज्य सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक कंपनियां चीन के विकल्प तलाश रही हैं और भारत, खासकर उत्तर प्रदेश, उनके लिए एक उभरता हुआ केंद्र बनकर सामने आ रहा है।
इन्वेस्ट यूपी रोड शो: किन देशों में होगा फोकस
इन्वेस्ट यूपी रोड शो के तहत जिन देशों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, उनमें शामिल हैं—
- जापान
- सिंगापुर
- जर्मनी
- यूनाइटेड किंगडम (यूके)
- दक्षिण कोरिया
- फ्रांस
- रूस
- अमेरिका
इन देशों में रोड शो के साथ-साथ गोलमेज सम्मेलन (Round Table Meetings) आयोजित किए जाएंगे, जहां संभावित निवेशकों से सीधे संवाद स्थापित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि आमने-सामने बातचीत से निवेश के अवसरों को अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है।
‘चाइना प्लस’ रणनीति पर तेज काम
उत्तर प्रदेश सरकार की रणनीति केवल रोड शो तक सीमित नहीं है। इन्वेस्ट यूपी रोड शो के पीछे एक बड़ी सोच ‘चाइना प्लस वन’ नीति से जुड़ी है।
दरअसल, दुनिया की कई बड़ी कंपनियां अब चीन पर निर्भरता कम करना चाहती हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार उन देशों की कंपनियों को टारगेट कर रही है, जिन्होंने पहले चीन में निवेश किया था।
इन्वेस्ट यूपी के अधिकारी लगातार सिंगापुर, जापान, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जर्मनी की कंपनियों से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें यूपी में निवेश के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। यह प्रयास केवल औपचारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक स्तर पर किया जा रहा है—जहां सेक्टर-वार संभावनाओं को भी सामने रखा जा रहा है।
पहले दौरे में मिले 4 लाख करोड़ के प्रस्ताव
दो महीने पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर और जापान का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान राज्य सरकार को करीब 4 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे—जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अगुवाई में एक अलग प्रतिनिधिमंडल जर्मनी गया था, जहां भी निवेशकों के साथ सकारात्मक बातचीत हुई।
इन अनुभवों से उत्साहित सरकार अब इन्वेस्ट यूपी रोड शो को और व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी में है।
GBC-5 से पहले निवेश जुटाने की रणनीति
सरकार की योजना है कि प्रस्तावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC-5) से पहले इन रोड शो का आयोजन कर लिया जाए। इसका मकसद है—
- ज्यादा से ज्यादा विदेशी निवेश आकर्षित करना
- पहले से मिले प्रस्तावों को जमीन पर उतारना
- नए निवेशकों को जोड़ना
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह रणनीति सफल होती है, तो उत्तर प्रदेश न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक प्रमुख निवेश गंतव्य (Investment Destination) के रूप में उभर सकता है।
क्या बदलेगा उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में?
इन्वेस्ट यूपी रोड शो सिर्फ एक प्रचार अभियान नहीं है, बल्कि यह राज्य की आर्थिक दिशा तय करने वाला कदम साबित हो सकता है।
- रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
- औद्योगिक विकास को गति मिलेगी
- वैश्विक कंपनियों की मौजूदगी बढ़ेगी
- राज्य की जीडीपी में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है
सरकार की मंशा साफ है—उत्तर प्रदेश को “ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी” की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाना।








