लखनऊ | 09 फरवरी 2026 — अपने ही दल के विधायक से सार्वजनिक विवाद के बाद स्वतंत्र देव सिंह ने जल जीवन मिशन की रफ्तार पर सीधे हाथ रख दिया। जल निगम (ग्रामीण) के सभागार में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री का संदेश साफ था—“30 दिन के भीतर शत-प्रतिशत घरों में जलापूर्ति शुरू कराइए, वरना कार्यदायी कंपनियों पर एफआईआर दर्ज होगी।”
बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र की परियोजनाओं पर फोकस करते हुए मंत्री ने धीमी गति से काम कर रहीं कंपनियों—BGC Contracting (BGCC) और Larsen & Toubro—पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि तय समय-सीमा में जलापूर्ति शुरू न होने पर केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि कंपनी के मालिकानों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई होगी।
मंत्री ने अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिया कि योजना से जुड़ी हर प्रगति रिपोर्ट क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ अनिवार्य रूप से साझा की जाए। “जनप्रतिनिधियों को अंधेरे में रखकर काम नहीं चलेगा,” उन्होंने कहा, साथ ही ग्रामीणों से सीधे संवाद कर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में अनुराग श्रीवास्तव, डॉ राजशेखर और प्रभाष कुमार समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
8 से 22 मार्च तक ‘जल उत्सव’, 22 हजार गांवों में तैयारी
मंत्री ने बताया कि जिन गांवों में शत-प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित हो चुकी है, वहां 8 से 22 मार्च के बीच ‘जल उत्सव’ मनाया जाएगा। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ने प्रदेश के लगभग 22,000 गांवों में इसके आयोजन की तैयारी शुरू कर दी है। उद्देश्य है—लोगों को अपनी जलापूर्ति व्यवस्था के प्रति जागरूक करना और रख-रखाव में समुदाय की भागीदारी बढ़ाना।
“सिर्फ 4-5 परियोजनाएं ही बाकी”, 3% गांवों में बाधा
समीक्षा के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि विन्ध्य और बुंदेलखंड की अधिकांश परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं; केवल 4-5 परियोजनाओं का काम शेष है। उन्होंने यह भी माना कि करीब 3% गांवों में पाइपलाइन डैमेज या अन्य कारणों से नियमित जलापूर्ति प्रभावित हुई है, जिसे दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
‘जल सारथी’ ऐप लॉन्च: शिकायत से लेकर खर्च तक, सब एक जगह
बैठक के दौरान मंत्री ने जल सारथी ऐप लॉन्च किया। इस ऐप के जरिए ग्रामीण अपने गांव की जलापूर्ति स्थिति, परियोजना पर हुए खर्च, निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति और जिम्मेदार अधिकारियों के संपर्क विवरण देख सकेंगे। जलापूर्ति से जुड़ी शिकायत भी सीधे दर्ज की जा सकेगी, जिससे त्वरित निस्तारण का रास्ता खुलेगा।
9,772 किमी सड़कों में कटान, 9,435 किमी की मरम्मत पूरी
पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि कुल 9,772 किमी सड़कों में कटान हुआ, जिसके सापेक्ष 9,435 किमी सड़कों की मरम्मत पूरी कर ली गई है। कुछ स्थानों पर बरसात और जलभराव के कारण सड़कें दोबारा धंस गईं, जहां अभियान चलाकर सुधार कार्य कराया जा रहा है। मंत्री ने मार्च अंत तक शेष मरम्मत पूरी करने के निर्देश दिए।
संकेत साफ है
विधायक के साथ हुए विवाद के बाद आई यह सख्ती सिर्फ संदेश नहीं, समय-सीमा के साथ चेतावनी है। जल जीवन मिशन की जमीनी रफ्तार अब सीधे जवाबदेही से जुड़ चुकी है—कंपनियों के लिए भी और स्थानीय अमले के लिए भी।








