लखनऊ (27 अप्रैल 2026)। उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 स्वगणना प्रक्रिया को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। पहली बार आम नागरिकों को अपने घर बैठे ही जनगणना की जानकारी खुद भरने का मौका दिया जा रहा है। सात मई से 21 मई तक चलने वाली इस प्रक्रिया के लिए आधिकारिक लिंक जारी कर दिया गया है, जिससे लोग बिना किसी सरकारी कर्मचारी के इंतजार के अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
यह कदम न केवल प्रक्रिया को तेज करने की दिशा में अहम माना जा रहा है, बल्कि इससे पारदर्शिता और नागरिकों की भागीदारी भी बढ़ेगी।
क्या है स्वगणना और क्यों है यह खास?
जनगणना 2027 स्वगणना प्रक्रिया दरअसल एक डिजिटल पहल है, जिसके तहत नागरिक खुद अपने परिवार और मकान से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन भरेंगे। अब तक यह काम जनगणना कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर किया जाता था, लेकिन इस बार सरकार ने तकनीक का सहारा लेते हुए इसे आसान और सुविधाजनक बनाने की कोशिश की है।
इस पहल का मकसद है—समय की बचत, सटीक डेटा और लोगों की सीधी भागीदारी। खास बात यह है कि यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षित (secure) और सरल रखी गई है, ताकि हर वर्ग का व्यक्ति इसमें हिस्सा ले सके।
ऐसे करें रजिस्ट्रेशन और फॉर्म भरने की प्रक्रिया
स्वगणना के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट
👉 Self Enumeration Portal
पर जाना होगा।
इसके बाद प्रक्रिया कुछ इस तरह आगे बढ़ेगी:
- राज्य के विकल्प में “उत्तर प्रदेश” चुनना होगा
- कैप्चा भरकर आगे बढ़ना होगा
- परिवार के मुखिया के नाम और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करना होगा
- मोबाइल पर आए ओटीपी से सत्यापन पूरा किया जाएगा
रजिस्ट्रेशन के बाद आप अपनी सुविधा के अनुसार हिंदी, अंग्रेजी या अन्य उपलब्ध भाषाओं में फॉर्म भर सकते हैं।
फॉर्म में क्या-क्या जानकारी देनी होगी?
इस जनगणना 2027 स्वगणना प्रक्रिया के तहत कुल 33 सवालों का फॉर्म भरना होगा। इसमें सिर्फ नाम और संख्या ही नहीं, बल्कि जीवन स्तर से जुड़े कई अहम पहलुओं को शामिल किया गया है।
फॉर्म में मांगी जाने वाली प्रमुख जानकारी:
- मकान का प्रकार (पक्का या कच्चा)
- बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं
- परिवार के सदस्यों का विवरण
- टीवी, मोबाइल, इंटरनेट जैसी डिजिटल सुविधाएं
- गांव/शहर, जिला और सटीक लोकेशन
एक खास फीचर यह भी है कि आपको मैप पर अपने घर की लोकेशन लाल निशान से चिन्हित करनी होगी, जिससे डेटा और अधिक सटीक हो सके।
सबमिट के बाद क्या मिलेगा?
जब आप पूरी जानकारी भरकर फॉर्म सबमिट करेंगे, तो आपको एक स्वगणना एसई (SE) आईडी मिलेगी। इसे सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि जब जनगणना अधिकारी आपके घर आएंगे, तो केवल यही आईडी दिखानी होगी।
इससे आपको दोबारा वही जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी—यानी एक तरह से यह प्रक्रिया समय और मेहनत दोनों की बचत करती है।
बदलती व्यवस्था की झलक
अगर व्यापक नजरिए से देखा जाए, तो जनगणना 2027 स्वगणना प्रक्रिया भारत में डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह न सिर्फ सरकारी कामकाज को आसान बनाएगा, बल्कि आम नागरिक को भी सिस्टम का सक्रिय हिस्सा बनाएगा।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कितने लोग इस सुविधा का इस्तेमाल करते हैं और यह प्रयोग जमीनी स्तर पर कितना सफल साबित होता है।









