लखनऊ (सोमवार, 19 जनवरी 2026): लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन में उस वक्त भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब बेघर की गई एक महिला को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय का भरोसा मिला। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आए फरियादियों की समस्याएं सुनते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी पीड़ित को न्याय के लिए भटकने नहीं दिया जाएगा।
जनता दर्शन में लखनऊ की रहने वाली सीमा अपनी दो छोटी बच्चियों के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष पहुंचीं। उन्होंने बताया कि पति और ससुराल वालों ने उन्हें घर से निकाल दिया है। आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण बच्चों के साथ वह दर-दर भटकने को मजबूर हैं। महिला की आपबीती सुनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस आयुक्त को तत्काल और उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पति द्वारा निकाले जाने का दर्द, मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान
सीमा ने बताया कि उनके ससुर का निधन हो चुका है। इसके बाद पति और अन्य परिजनों ने उन्हें ससुराल से बाहर कर दिया। रहने की जगह न होने से वह अपनी दो नन्ही बच्चियों के साथ असहाय स्थिति में हैं। महिला ने मुख्यमंत्री से ससुराल में वापस रहने की अनुमति दिलाने और बच्चों के पालन-पोषण के लिए आर्थिक सहायता की मांग की।
मुख्यमंत्री ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीड़िता को तुरंत राहत दी जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर पीड़ित नागरिक के साथ खड़ी है।
जब ‘बाबा’ बने मुख्यमंत्री, बच्चों को मिला स्नेह
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानवीय पक्ष भी देखने को मिला। माता-पिता के साथ आए बच्चों को उन्होंने चॉकलेट दी और मन लगाकर पढ़ाई करने की सीख दी। सीमा की दो साल की बेटी अनन्या को जब मुख्यमंत्री ने चॉकलेट दी, तो बच्ची की मासूम मुस्कान ने माहौल को भावुक कर दिया।
मुख्यमंत्री ने जब बच्ची से मज़ाक में चॉकलेट मांगी, तो उसने मासूमियत से चॉकलेट आगे बढ़ा दी। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोग भाव-विभोर हो उठे। कुछ पल के लिए जनता दर्शन का माहौल प्रशासनिक नहीं, बल्कि एक परिवारिक संवाद जैसा बन गया।
पुलिस, बिजली और आर्थिक सहायता से जुड़े मामलों पर भी निर्देश
जनता दर्शन में केवल एक मामला ही नहीं, बल्कि पुलिस, बिजली विभाग और इलाज के लिए आर्थिक सहायता से जुड़े कई प्रकरण सामने आए। मुख्यमंत्री ने सभी फरियादियों से सीधे संवाद किया और उनके प्रार्थना पत्र स्वयं लिए।
इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगने वाले लोगों से अस्पताल का अनुमान (Estimate) मंगाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि हर प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा,
“सरकार प्रदेशवासियों के हर सुख-दुख में उनके साथ है। किसी भी जरूरतमंद को निराश नहीं किया जाएगा।”








