टोक्यो/लखनऊ, 25 फरवरी 2026। जापान की धरती से उत्तर प्रदेश की सियासत को लेकर एक तीखा संदेश गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने टोक्यो में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पिछली सरकारों पर सीधा हमला बोला। उनका कहना था कि “डकैती की प्रवृत्ति वालों को ही अंधेरा रास आता है।” यह बयान सिर्फ राजनीतिक टिप्पणी नहीं था, बल्कि प्रदेश के विकास मॉडल को सामने रखने की एक सोची-समझी रणनीति भी थी।
जापान में CM योगी का विपक्ष पर हमला: “क्या उजाले में डकैती पड़ सकती है?”
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश में सड़कें जर्जर थीं, बिजली की आपूर्ति अनियमित थी और कानून-व्यवस्था सवालों के घेरे में रहती थी। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, “क्या उजाले में डकैती पड़ सकती है?”
उनके अनुसार, पहले की सरकारें अंधेरे की आदी थीं, क्योंकि उनके सारे कार्य उसी माहौल में होते थे। “जब प्रवृत्ति डकैती की हो, तो प्रदेश को अंधेरे में रखा जाता है,” उन्होंने कहा। योगी ने इसे प्रतीकात्मक भाषा में रखते हुए जोड़ा, “हम सूर्यपुत्र हैं, हमें सूर्य जैसी रोशनी चाहिए।”
यहां ‘रोशनी’ सिर्फ बिजली आपूर्ति का संदर्भ नहीं था, बल्कि पारदर्शिता, सुशासन और कानून के राज की ओर संकेत था। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने प्रदेश को भय और भ्रष्टाचार से मुक्त करने के लिए सबसे पहले बुनियादी ढांचे पर काम किया—24 घंटे बिजली, बेहतर सड़क नेटवर्क और मजबूत कानून-व्यवस्था।
“दंगा-कर्फ्यू से उत्सवों तक” – बदली यूपी की छवि
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की पहचान दंगों और कर्फ्यू से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आयोजनों से बन रही है। उन्होंने अयोध्या के दीपोत्सव, काशी की देव दीपावली और मथुरा-वृंदावन के रंगोत्सव का उल्लेख किया।
अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2017 से पहले वहां दीपावली का कोई बड़ा आयोजन नहीं होता था। पहले वर्ष 51 हजार दीप भी जुटाना कठिन था, जबकि अब 25 से 30 लाख दीपक एक साथ प्रज्ज्वलित किए जाते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। वहीं एक वर्ष में 156 करोड़ से ज्यादा पर्यटकों के उत्तर प्रदेश आने का दावा किया। योगी के अनुसार, “विरासत पर गर्व ही समाज को आगे बढ़ाता है।”
निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश 25 करोड़ आबादी वाला राज्य होने के बावजूद निवेश का केंद्र बन रहा है। सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन, लॉजिस्टिक्स पार्क और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट जैसे क्षेत्रों में निवेश हो रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि “विकसित भारत” का संकल्प अब जमीन पर दिखने लगा है और उत्तर प्रदेश इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
भारतीय समुदाय से संवाद और सांस्कृतिक संदेश
जापान में करीब 55 हजार भारतीय मूल के लोग रहते हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें होली की शुभकामनाएं दीं और भारत-जापान संबंधों को और मजबूत करने की अपील की।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी माहौल को भावनात्मक बना दिया। काशी की शास्त्रीय संगीत परंपरा, उत्तराखंड की जागर शैली और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की थीम पर आधारित प्रस्तुति को योगी ने सराहा। उनके संबोधन के बाद ‘योगी-योगी’ के नारे भी लगे।
इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, सलाहकार अवनीश अवस्थी, एसीएस (वित्त) दीपक कुमार, सचिव अमित सिंह, इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद और एडीजी तरुण गाबा भी मौजूद रहे। जापान में भारत की राजदूत नगमा मलिक और उनकी टीम का भी मुख्यमंत्री ने आभार व्यक्त किया।
सांस्कृतिक दर्शन और वैश्विक दृष्टि
योगी ने जापान को “उगते सूरज की धरती” बताते हुए भारत को सूर्यपुत्रों की भूमि कहा। उन्होंने भगवान श्रीराम, महात्मा बुद्ध और रामराज्य की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की शक्ति विश्व को मैत्री और करुणा के मार्ग पर ले जाने की है, प्रभुत्व स्थापित करने की नहीं।
उनका यह संदेश राजनीतिक से अधिक सांस्कृतिक और वैचारिक था—एक ऐसा भारत, जो अपनी विरासत पर गर्व करता है और वैश्विक मंच पर आत्मविश्वास के साथ खड़ा है।








