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CM योगी के विजन से ‘फ्यूचर-रेडी’ बना Jewar International Airport, बनेगा भारत का Digital Aviation Hub

On: October 26, 2025
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Jewar International Airport
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लखनऊ, 26 अक्टूबर 2025: उत्तर प्रदेश का जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar International Airport) अब सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि भारत के Digital Aviation Hub की नई पहचान बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सोच के तहत यह एयरपोर्ट देश में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का एक नया मानक स्थापित करेगा।

यह परियोजना उत्तर प्रदेश को तकनीकी दृष्टि से ‘फ्यूचर-रेडी’ राज्य बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। जेवर एयरपोर्ट पूरी तरह ड्यूल फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क, दो स्वतंत्र डेटा सेंटर और एक इंटीग्रेटेड डिजिटल नेटवर्क से जुड़ा होगा, जिससे संचालन निर्बाध, सुरक्षित और तीव्र गति वाला रहेगा।

🔹 डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का नया मानक

एयरपोर्ट का पूरा इकोसिस्टम स्मार्ट डिजिटल टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा। यहां वीडियो सर्विलांस सिस्टम, लाइसेंस प्लेट रिकग्निशन कैमरे और ड्राइवर इमेजिंग मॉड्यूल्स लगाए जा रहे हैं, जो हर वाहन की स्मार्ट ट्रैकिंग करेंगे। इससे न सिर्फ सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि यात्रियों की सुविधा भी कई गुना बढ़ेगी।

🔹 सुरक्षा और सुविधा — दोनों का परफेक्ट संगम

ड्यूल फाइबर कनेक्टिविटी का अर्थ है — किसी भी तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में भी डेटा प्रवाह कभी नहीं रुकेगा। दो अलग-अलग स्थानों पर स्थित डेटा सेंटर पूरे एयरपोर्ट नेटवर्क का डिजिटल “हृदय” होंगे। टर्मिनल से लेकर रनवे, पार्किंग से लेकर एयर ट्रैफिक तक हर गतिविधि रियल टाइम में मॉनिटर होगी।

एयरपोर्ट के हर हिस्से में कैमरों और सेंसरों की एक स्मार्ट डिजिटल परत बिछाई जा रही है। यह सिस्टम न केवल गतिविधियों पर नजर रखेगा बल्कि संभावित सुरक्षा चुनौतियों को पहले ही पहचान सकेगा — ठीक वैसे ही जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रेडिक्टिव मॉनिटरिंग सिस्टम करते हैं।

🔹 तीन प्रमुख डिजिटल कंट्रोल हब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डिजिटल विजन को साकार करने के लिए एयरपोर्ट में तीन अत्याधुनिक कंट्रोल हब बनाए गए हैं —

  1. Airport Operations Center (AOC) – जहां से एयरपोर्ट की सभी गतिविधियों का रियल-टाइम नियंत्रण होगा।
  2. Security Operations Control Center (SOCC) – जो सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखेगा।
  3. Airport Emergency Operations Center (AEOC) – जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

इन हब्स के जरिए एयरपोर्ट एक जीवंत डिजिटल सिस्टम की तरह काम करेगा, जहां हर डेटा पॉइंट रियल-टाइम निर्णय प्रक्रिया में योगदान देगा।

🔹 AI और Automation से सुसज्जित भविष्य

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि आने वाले वर्षों में यह AI-powered surveillance, automated traffic management, और self-operating ground systems जैसी सुविधाओं का भी समर्थन कर सके।
यह न सिर्फ उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा, बल्कि भारत के डिजिटल एविएशन नेटवर्क का मुख्य केंद्र बनकर उभरेगा।

🔹 प्रदेश की नई पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमेशा कहा है कि “इन्फ्रास्ट्रक्चर ही प्रगति की रीढ़ है।” जेवर एयरपोर्ट उसी सोच का साकार रूप है — जो न केवल यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव देगा, बल्कि प्रदेश को तकनीकी उत्कृष्टता के वैश्विक नक्शे पर स्थापित करेगा।

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