लखनऊ, बुधवार 05 नवंबर 2025। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार ने निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित Kanya Vivah Sahayata योजना के तहत अब कन्या विवाह में मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले से श्रमिक समुदाय को सीधा लाभ मिलेगा, खासतौर पर उन परिवारों को जो अपनी बेटियों के विवाह में आर्थिक तंगी झेलते रहे हैं।
नई राशि: विवाह के प्रकार के अनुसार बढ़ा सहयोग
नई व्यवस्था के तहत अब:
- सामान्य विवाह के लिए ₹65,000
- अन्तर्जातीय विवाह के लिए ₹75,000
- सामूहिक विवाह के लिए ₹85,000
प्रति जोड़े की सहायता राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, विवाह आयोजन के लिए अलग से ₹15,000 भी प्रदान किए जाएंगे। इस बढ़ोतरी का ऐलान श्रम विभाग द्वारा किया गया है, जिसका उद्देश्य श्रमिक परिवारों को सामाजिक-सांस्कृतिक जिम्मेदारियों को निभाने में आर्थिक मजबूती उपलब्ध कराना है।
“कन्यादान का फर्ज निभा रही सरकार” — सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रमिक परिवार समाज की रीढ़ हैं, और उनकी बेटियों के विवाह में आर्थिक मदद देना सरकार का “मानवीय कर्तव्य” है। योगी ने यह भी बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में सुरक्षा, आवास, परिवहन और भोजन की सारी व्यवस्था श्रम विभाग की ओर से की जाएगी ताकि किसी श्रमिक परिवार को परेशानी का सामना न करना पड़े।
1.88 करोड़ से अधिक श्रमिकों को सीधा लाभ
बोर्ड की सचिव पूजा यादव ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में 1.88 करोड़ से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं। इनमें से बड़ी संख्या में श्रमिक इस योजना का लाभ उठाने के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि कन्या विवाह सहायता योजना में की गई इस बढ़ोतरी से श्रमिक परिवारों के सामाजिक बोझ में वास्तविक कमी आएगी।
आवेदन आसानी से, एक क्लिक में
इस योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिकों को केवल ₹20 का पंजीकरण शुल्क और ₹20 वार्षिक अंशदान का भुगतान करना होता है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और निःशुल्क है। श्रमिक www.upbocwboard.in वेबसाइट या जन सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
श्रमिकों के लिए अन्य कल्याणकारी योजनाएं भी जारी
योजना के साथ-साथ बोर्ड द्वारा कई अन्य कल्याणकारी योजनाएं भी संचालित हैं, जिनमें शामिल हैं:
- जन्म सहायता: पुत्र जन्म पर ₹20,000, पुत्री जन्म पर ₹25,000, व ₹2.50 लाख की सावधि जमा।
- शिक्षा सहायता: कक्षा 1 से उच्च शिक्षा तक ₹2,000 से ₹1,00,000 तक सहायता, तकनीकी कोर्स की शुल्क प्रतिपूर्ति।
- पेंशन: पात्रता अनुसार ₹1,000 प्रति माह।
- गंभीर बीमारी और मृत्यु सहायता: ₹2 से ₹5 लाख तक सहायता राशि।
अब तक कुल ₹6,336.61 करोड़ की राशि विभिन्न योजनाओं के तहत 18.94 लाख से अधिक आवेदनों पर वितरित की जा चुकी है।
निष्कर्ष:
सीएम योगी आदित्यनाथ की इस पहल से श्रमिकों के बीच सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिलेगा। Kanya Vivah Sahayata के तहत राशि में हुई वृद्धि न केवल श्रमिकों के बोझ को कम करेगी, बल्कि समाज में समान अवसरों की दिशा में एक और मजबूत कदम साबित होगी।








