नई दिल्ली, 2 अगस्त 2026। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर विकराल रूप में नजर आ रहा है। केरल में बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राज्य में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। उधर, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है।
दक्षिण भारत से लेकर पश्चिम और पूर्वोत्तर तक तेज बारिश का असर देखने को मिल रहा है। गुजरात में हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि असम में बाढ़ की स्थिति में मामूली सुधार दर्ज किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहावना
शनिवार और रविवार की दरमियानी रात दिल्ली-एनसीआर में हुई तेज बारिश ने उमस और गर्मी से राहत दिलाई। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है।
वहीं उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में मौसम का मिजाज बदलने की चेतावनी जारी की गई है। कई इलाकों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
केरल में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही
केरल में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में हालात गंभीर कर दिए हैं। भूस्खलन और बाढ़ की घटनाओं में अब तक छह लोगों की जान जा चुकी है, जबकि छह अन्य लोगों की तलाश जारी है। कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं और पहाड़ी इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक इडुक्की और कोट्टायम जिलों में हुए अलग-अलग भूस्खलनों में चार लोगों की मौत हुई। इडुक्की में 65 वर्षीय सुमती की मलबे में दबने से जान चली गई, जबकि उनके पति और बेटे को सुरक्षित निकाल लिया गया। वागामोन में 77 वर्षीय प्रभाकरन नायर की भी मौत हो गई। कोट्टायम के पूनजार क्षेत्र में एक युवक जोसेफिन की मौत हुई, जबकि उनकी मां को मलबे से जीवित निकाला गया।
राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी
राज्य में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। एनडीआरएफ, फायर एंड रेस्क्यू, पुलिस, कोस्ट गार्ड और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं।
अब तक 65 राहत शिविर स्थापित किए जा चुके हैं, जहां 1,465 से अधिक लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है। प्रशासन के अनुसार 17 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जबकि 127 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
आठ जिलों में रेड अलर्ट, कई बांधों के गेट खोले गए
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पथनमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं एर्नाकुलम, त्रिशूर और पालक्काड में ऑरेंज अलर्ट लागू है।
लगातार बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं और जलस्तर बढ़ने के बाद कई बांधों के गेट खोल दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के मंत्रियों को मौके पर रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
गुजरात में भी बारिश का कहर, 27 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे
दक्षिण और मध्य गुजरात में भी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रशासन के अनुसार करीब 27 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
सूरत जिले के अंबिका तालुका में पिछले 24 घंटे के दौरान 611 मिमी बारिश दर्ज की गई। सूरत, नवसारी, भरूच, तापी, खेड़ा और आनंद सहित कई जिलों में 400 मिमी से अधिक वर्षा हुई। बाढ़ प्रभावित सूरत में सेना ने 34 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि कई गांवों का संपर्क अब भी कटा हुआ है।
असम में बाढ़ के हालात में मामूली सुधार
पूर्वोत्तर राज्य असम में बाढ़ की स्थिति में कुछ राहत देखने को मिली है। प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 1.78 लाख रह गई है। हालांकि बाढ़ से प्रभावित जिलों की संख्या बढ़कर सात हो गई है।
राज्य सरकार के ताजा बुलेटिन के अनुसार पिछले 24 घंटे में किसी नई जनहानि की सूचना नहीं मिली है। बाढ़ से मरने वालों की संख्या फिलहाल 82 पर स्थिर बनी हुई है।
प्रशासन की अपील
मौसम विभाग और राज्य सरकारों ने लोगों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास न जाएं तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अगले 24 से 48 घंटे कई राज्यों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं, इसलिए सतर्कता बरतना ही सबसे सुरक्षित विकल्प होगा।













