तिरुवनंतपुरम, 03 अगस्त 2026। दक्षिण भारत का राज्य केरल भारी बारिश और बाढ़ की दोहरी मार झेल रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में हालात गंभीर बना दिए हैं। बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जुड़ी घटनाओं में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोग लापता बताए गए हैं। प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। वहीं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने सोमवार को स्थिति की समीक्षा के बाद बताया कि राहत कार्य लगातार जारी हैं और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
किन जिलों में सबसे ज्यादा असर?
बारिश से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में मलप्पुरम, कोट्टायम, एर्नाकुलम, कोल्लम, कन्नूर, कोझिकोड, इडुक्की और मुवत्तुपुझा शामिल हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक हुई मौतों का जिला-वार विवरण इस प्रकार है—
- मलप्पुरम – 4 मौतें
- कोट्टायम – 3 मौतें
- एर्नाकुलम – 2 मौतें
- कोल्लम – 2 मौतें
- कन्नूर – 1 मौत
- कोझिकोड – 1 मौत
- इडुक्की – 1 मौत
- मुवत्तुपुझा – 1 मौत
वहीं 7 लोग अब भी लापता हैं। इनमें कोल्लम और कन्नूर से दो-दो, जबकि मलप्पुरम, इडुक्की और मुवत्तुपुझा से एक-एक व्यक्ति शामिल है।
316 राहत शिविरों में 11 हजार से अधिक लोगों को मिली शरण
राज्य सरकार के अनुसार सोमवार सुबह 9 बजे तक 316 राहत शिविर संचालित किए जा रहे थे। इनमें 11,018 विस्थापित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है। प्रशासन लगातार निचले इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
मुख्यमंत्री ने बारिश से जान गंवाने वाले लोगों के अंतिम संस्कार के लिए 10 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही कृषि विभाग को फसलों और कृषि भूमि के नुकसान के लिए मुआवजा नीति में संशोधन का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
3,500 से ज्यादा किसान प्रभावित
प्रारंभिक आकलन के मुताबिक राज्य में लगभग 165 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। इससे 3,596 किसान नुकसान झेल रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम सर्वे पूरा होने के बाद प्रभावित क्षेत्र और किसानों की संख्या बढ़ सकती है।
लगातार हो रही बारिश से धान, रबर, मसाले और अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
NDRF, सेना और ITBP की टीमें तैनात
बाढ़ और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को तेज कर दिया गया है। पथानामथिट्टा में एक और कोट्टायम में दो NDRF टीमें पहले से तैनात हैं। इसके अलावा अराक्कोनम से दो अतिरिक्त टीमें भी तैयार रखी गई हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर तुरंत रवाना किया जाएगा।
राज्य में राहत कार्यों के लिए हेलीकॉप्टर भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। वहीं अलाप्पुझा में आवश्यकता पड़ने पर ITBP के जवानों की तैनाती और कन्नूर तथा वायनाड में डिफेंस सिक्योरिटी कॉर्प्स की मदद लेने के निर्देश जारी किए गए हैं।
आपदा प्रबंधन ने की आपात समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री ने बताया कि मानसून से उत्पन्न हालात की समीक्षा के लिए सोमवार सुबह राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, संबंधित मंत्रियों, जिला कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक की गई। बैठक में सभी जिलों से मिली रिपोर्ट की समीक्षा की गई और राहत कार्यों को और तेज करने के निर्देश दिए गए।
फिलहाल प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
मौसम विभाग ने जारी किया नया अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल के लिए नया मौसम अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 3 अगस्त और 6 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मछुआरों को 2 और 3 अगस्त के दौरान केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप तट पर समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। इस अवधि में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशन इंफॉर्मेशन सर्विसेज (INCOIS) ने उत्तरी केरल तट पर 2.7 से 3.5 मीटर ऊंची लहरें उठने की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।













