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वाराणसी में मोहन यादव का तीखा हमला: ‘लाल सलाम को देश आखिरी सलाम दे रहा है’

On: March 31, 2026
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वाराणसी में मोहन यादव का तीखा हमला
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वाराणसी, 31 मार्च 2026। राजनीतिक बयानबाज़ी और विकास के दावों के बीच वाराणसी में आयोजित मध्य प्रदेश–उत्तर प्रदेश सहयोग सम्मेलन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा—“लाल सलाम को अब देश आखिरी सलाम बोल रहा है।”

उनका यह बयान केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं था, बल्कि देश की बदलती विचारधारा और सुरक्षा परिदृश्य की ओर इशारा भी करता दिखा।

लाल सलाम पर सियासी वार, विकास मॉडल की पैरवी

अपने संबोधन में डॉ. यादव ने कहा कि भारत तमाम चुनौतियों के बावजूद तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही भारत तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा।

उन्होंने Narendra Modi और Amit Shah के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन विचारों को कभी “लाल सलाम” के रूप में बढ़ावा दिया गया, आज वही विचार देश में अपनी अंतिम अवस्था में हैं।

नक्सलवाद पर सख्त रुख

मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के मुद्दे को भी सीधे तौर पर उठाया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश इस समस्या की पीड़ा झेल चुका है और अब हालात काफी बदल चुके हैं।

उनके अनुसार, जिन ताकतों ने कभी इस विचारधारा को बढ़ावा दिया, वे भी अब इसके दुष्परिणामों का सामना कर चुकी हैं। “आज इसका अंत हो चुका है,” उन्होंने कहा—हालांकि यह बयान राजनीतिक विमर्श में बहस का विषय भी बन सकता है।

केन-बेतवा से बुंदेलखंड तक: सहयोग की नई मिसाल

सम्मेलन में डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच बढ़ते सहयोग को विकास का आधार बताया।

उन्होंने केन-बेतवा नदी विवाद के समाधान का जिक्र करते हुए कहा कि अब राज्य आपसी संघर्ष की बजाय साझेदारी के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं।

बुंदेलखंड के विकास पर उन्होंने कहा:

  • करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं
  • इसमें 90% योगदान केंद्र सरकार का है
  • इससे क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है

साथ ही मुरैना में 2000 मेगावाट की सोलर परियोजना को किसानों के लिए “गेम चेंजर” बताया।

सांस्कृतिक जुड़ाव और धार्मिक पर्यटन

अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने इतिहास और आस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने चित्रकूट में भगवान राम के वनवास, Tulsidas की रचनाओं और अयोध्या के राज्याभिषेक का जिक्र करते हुए दोनों राज्यों के सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया।

उन्होंने Kashi Vishwanath Temple और Mahakaleshwar Temple के विकास के बाद धार्मिक पर्यटन में आए बदलाव को नई संभावनाओं का संकेत बताया।

निवेशकों को खुला न्योता

डॉ. यादव ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई बड़े ऐलान भी किए:

  • 300 बेड के मेडिकल कॉलेज के लिए 1 रुपये में 30 एकड़ जमीन
  • मेडिकल छात्रों को लोन सुविधा
  • शर्त: डॉक्टर बनने के बाद 5–6 साल राज्य में सेवा
  • होटल और अन्य उद्योगों के लिए सब्सिडी

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश 70,000 करोड़ रुपये के निर्यात के साथ नई आर्थिक उड़ान भर रहा है।

एमओयू से बढ़ेगा सहयोग

सम्मेलन के दौरान दोनों राज्यों के बीच कई अहम क्षेत्रों में समझौता (MoU) हुआ, जिसमें शामिल हैं:

  • भीड़ प्रबंधन
  • GI टैग उत्पाद
  • ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट)
  • निवेश और कारोबार सहयोग

यह समझौता भविष्य में क्षेत्रीय विकास की नई दिशा तय कर सकता है।

निष्कर्ष

वाराणसी की इस सभा में दिया गया “लाल सलाम” वाला बयान राजनीतिक रूप से भले ही विवाद पैदा करे, लेकिन इसके साथ ही विकास, निवेश और अंतर-राज्यीय सहयोग का जो खाका सामने आया, वह आने वाले समय की नीतियों की झलक भी देता है।

राजनीति के मंच से निकले इस संदेश में जहां एक ओर विचारधारा पर प्रहार था, वहीं दूसरी ओर विकास की ठोस योजनाओं का संकेत भी साफ दिखाई दिया।

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